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Lucknow News: निजी लैब नहीं दे रहीं डेंगू रिपोर्ट, स्वास्थ्य विभाग भी बेखबर
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लखनऊ। शहर में डेंगू मरीजों की संख्या रोज बढ़ रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सब ठीक है। यह हम नहीं आंकड़े बता रहे हैं। 20 लाख की आबादी वाले ग्रामीण इलाकों में निजी अस्पतालों में डेंगू का इलाज कराने वालों की संख्या सामने नहीं आ पा रही है। क्योंकि इन मरीजों ने निजी लैबों में डेंगू की जांच कराई और यह लैब अपनी रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय नहीं भेज रहा है। इससे स्वास्थ्य विभाग को डेंगू के मरीजों का सही आंकड़ा नहीं मिल पा रहा है। जिन डेंगू पीड़ितों ने सीएचसी और पीएचसी में इलाज कराया है, उनके ही आंकड़े सरकारी फाइल में दर्ज हैं।
शहर में जनवरी से अब तक करीब 800 केस सामने आ चुके हैं। दो मरीजों की मौत भी चुकी है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू का प्रकोप कम है। हर ब्लाॅक में एक या दो मामले सामने आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस साल महज 52 मामले सामने आए हैं। ये वह मामले हैं जो मरीज सरकारी अस्पतालों में भर्ती होकर अपनी जांच कराए हैं या फिर भर्ती हैं। इसका रिकार्ड विभाग पास है। ग्रामीण इलाकों में खुली निजी लैब जरिए डेंगू का आंकड़ा पोर्टल पर अपडेट नहीं किए जाने का आरोप है। यहीं वजह है कि पूरे साल में अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे कम मामले सामने आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम हर साल डेंगू पर काबू पाने के लिए एंटीलार्वा व फागिंग के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है। इसके बाद भी शहरी क्षेत्र में डेंगू काबू में नहीं आ रहा है।
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शहर में जनवरी से अब तक करीब 800 केस सामने आ चुके हैं। दो मरीजों की मौत भी चुकी है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू का प्रकोप कम है। हर ब्लाॅक में एक या दो मामले सामने आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस साल महज 52 मामले सामने आए हैं। ये वह मामले हैं जो मरीज सरकारी अस्पतालों में भर्ती होकर अपनी जांच कराए हैं या फिर भर्ती हैं। इसका रिकार्ड विभाग पास है। ग्रामीण इलाकों में खुली निजी लैब जरिए डेंगू का आंकड़ा पोर्टल पर अपडेट नहीं किए जाने का आरोप है। यहीं वजह है कि पूरे साल में अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे कम मामले सामने आए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम हर साल डेंगू पर काबू पाने के लिए एंटीलार्वा व फागिंग के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है। इसके बाद भी शहरी क्षेत्र में डेंगू काबू में नहीं आ रहा है।
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