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Lucknow News: निजी अस्पताल ने टीबी इलाज के नाम पर सात लाख रुपये वसूले
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प्रतीकात्मक।
लखनऊ। बीकेटी स्थित पारस हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने टीबी बीमारी बताकर मरीज से लाखों रुपये वसूल लिए। मरीज ने सरकारी केंद्र में जांच कराई तो टीबी की रिपोर्ट निगेटिव आई। पीड़ित ने अस्पताल प्रशासन पर टीबी की गलत दवा खिलाने संग वसूली का आरोप लगाते हुए सीएमओ से शिकायत दर्ज कराई है।
बीकेटी स्थित सैरपुर सरैया मोड़ के पास रहने संजय सिंह सात नवंबर 2025 को पारस हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद टीबी बताई। पांच दिन भर्ती रहने के दौरान करीब सात लाख रुपये वसूल लिए गए। शक होने पर मरीज ने सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से टीबी की जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद 11 नवंबर को निजी केंद्र से फिर जांच कराई, वहां भी रिपोर्ट निगेटिव आई।
इस दौरान अस्पताल ने टीबी की दवा से मरीज की आंख की रोशनी कम हो गई। पीड़ित ने अस्पताल प्रशासन पर गलत इलाज व रुपये वसूलने का आरोप लगाते हुए सीएमओ को पत्र भेजा है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि जांच कराई जाएगी। आरोप सही मिले तो अस्पताल पर कार्रवाई होगी। वहीं, अस्पताल संचालक इंदल सिंह का कहना है कि मरीज के आरोप बेबुनियाद हैं। जांच रिपोर्ट में मरीज को टीबी की पुष्टि हुई थी। इलाज में सात लाख रुपये नहीं लिए गए हैं।
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बीकेटी स्थित सैरपुर सरैया मोड़ के पास रहने संजय सिंह सात नवंबर 2025 को पारस हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद टीबी बताई। पांच दिन भर्ती रहने के दौरान करीब सात लाख रुपये वसूल लिए गए। शक होने पर मरीज ने सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से टीबी की जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद 11 नवंबर को निजी केंद्र से फिर जांच कराई, वहां भी रिपोर्ट निगेटिव आई।
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इस दौरान अस्पताल ने टीबी की दवा से मरीज की आंख की रोशनी कम हो गई। पीड़ित ने अस्पताल प्रशासन पर गलत इलाज व रुपये वसूलने का आरोप लगाते हुए सीएमओ को पत्र भेजा है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि जांच कराई जाएगी। आरोप सही मिले तो अस्पताल पर कार्रवाई होगी। वहीं, अस्पताल संचालक इंदल सिंह का कहना है कि मरीज के आरोप बेबुनियाद हैं। जांच रिपोर्ट में मरीज को टीबी की पुष्टि हुई थी। इलाज में सात लाख रुपये नहीं लिए गए हैं।
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