कैदियों ने कैनवस पर उतारी जिंदगी, जीते पुरस्कार
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देश की जेलों में सजा काटने के दौरान कैनवस पर जिंदगी को उतारने का हुनर दिखाने वाले 13 कैदियों को रविवार को ‘तिनका-तिनका अवॉर्ड’ प्रदान किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर हुई पेंटिंग प्रतियोगिता के आधार पर इनका चयन किया गया था। जिला जेल के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में डीजी जेल आनंद कुमार, पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह और तिनका-तिनका फाउंडेशन की संस्थापक वर्तिका नंदा ने इन्हें पुरस्कृत किया।
पेंटिंग प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की बिलासपुर जेल के बंदी अजय को प्रथम पुरस्कार दिया गया। दूसरा पुरस्कार केंद्रीय कारागार भोपाल के बंदी संजय फूल सिंह व तीसरा पुरस्कार सहारनपुर जेल के 56 वर्षीय निगम पवार व बरेली जेल के बंदी दिनेश कुमार को मिला। मैनपुरी जेल में बंद पूनम शाक्या और गाजियाबाद जेल में बंद अरुण समेत 9 बंदियों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
आगरा जेल के रेडियो जॉकी बंदी उदय स्वरूप व तुहिना को विशेष प्रतिभा सम्मान मिला। दोनों को खास तौर पर समारोह में बुलाया गया था। इस अवसर पर आदर्श जेल के बंदियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस मौके पर वर्तिका नंदा की लिखी किताब ‘तिनका-तिनका डासना’ का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में अपर महानिरीक्षक कारागार वीके जैन, जेलर केके गुप्ता, नयनतारा बनर्जी भी मौजूद थे।
8 जेल अधिकारियों को विशेष सेवा सम्मान
जेलों में सराहनीय कार्य के लिए लखनऊ जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक पीएन पांडेय तथा डीजी जेल के पीआरओ संतोष वर्मा को विशेष सेवा सम्मान दिया गया। इनके अलावा कौशांबी के जेलर बीएस मुकुंद, नारी बंदी निकेतन की डिप्टी जेलर शबनम निगार, बांदा के जेलर रंजीत सिंह, महाराष्ट्र के समाकांत चंद्रकांत शडगे, कपूरथला के सुरिंदर पाल खन्ना और अलवर के भरत लाल मीणा को भी सम्मानित किया गया।