अखिलेश अब साइंटिस्ट को बनाएंगे लखपति!
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प्रदेश सरकार ने विज्ञान पुरस्कारों की धनराशि पांच गुना तक बढ़ा दी है। विज्ञान गौरव में अब पांच लाख रुपये और विज्ञान रत्न में ढाई लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे।
जबकि पहले विज्ञान गौरव सम्मान में एक लाख रुपये व विज्ञान रत्न में महज 50 हजार रुपये का ही इनाम दिया जाता था। पुरस्कारों की बढ़ी हुई धनराशि इस वर्ष से विजेताओं को दी जाएगी।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैज्ञानिकों, शिक्षकों व छात्रों को हर वर्ष पुरस्कृत करता है। यह पुरस्कार यूपी में जन्में या फिर पिछले 10 वर्षों से प्रदेश में काम कर रहे लोगों को दिया जाता है।
इनमें सबसे बड़ा पुरस्कार विज्ञान गौरव का है, इसके तहत एक वैज्ञानिक को एक लाख रुपये नकद और प्रशस्ति पत्र दिया जाता था।
विभाग ने पहले सिर्फ विज्ञान गौरव की धनराशि बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा था। लेकिन मुख्यमंत्री ने सभी पुरस्कारों की धनराशि बढ़ाने के लिए विभाग से प्रस्ताव भेजने के लिए कहा था।
साइंस स्टूडेंट्स को भी लाखों के इनाम
इसके बाद अब सरकार ने सभी विज्ञान पुरस्कारों की धनराशि बढ़ाने का फैसला किया है। इस संबंध में प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी डॉ. हरशरण दास ने औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
इनमें विज्ञान गौरव, विज्ञान रत्न के अलावा यंग साइंटिस्ट अवार्ड, विज्ञान छात्र सम्मान व बाल वैज्ञानिक सम्मान शामिल हैं। विज्ञान छात्र सम्मान हाईस्कूल व इंटर के विज्ञान के मेधावी विद्यार्थियों को दिया जाता है।
नई व्यवस्था के तहत इंटर के छात्रों की पुरस्कार राशि पांच लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये और हाई स्कूल के छात्रों की पुरस्कार राशि दो लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई है।
लेकिन दोनों वर्ग में पुरस्कारों की संख्या तय नहीं है। इस तय करने का अधिकार तय समिति को है। लिहाजा बाद में उनकी संख्या के आधार पर पुरस्कार की राशि बांट दी जाएगी।
साथ ही सरकार ने सम्मानित होने वाले वैज्ञानिकों को मिलने वाले प्रतीक चिन्ह, शाल, प्रशस्ति पत्र के लिए भी राशि बढ़ा दी है। पहले इस मद में हर वैज्ञानिक को दो हजार रुपए दिए जाते थे। अब इसे बढ़ाकर तीन हजार रुपए कर दिया गया है।