{"_id":"659c11ec80773101fa0174b8","slug":"pran-pratistha-after-sankranti-heavy-vehicles-will-not-be-able-to-go-from-lucknow-to-ayodhya-2024-01-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राण प्रतिष्ठा: नभ, जल और थल से रखी जाएगी मंदिर पर पैनी नजर, ड्रोन हमले से बचने के लिए बनेगी रणनीति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राण प्रतिष्ठा: नभ, जल और थल से रखी जाएगी मंदिर पर पैनी नजर, ड्रोन हमले से बचने के लिए बनेगी रणनीति
Mon, 08 Jan 2024 09:48 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 08 Jan 2024 09:48 PM IST
सार
प्राण प्रतिष्ठा से पहले अयोध्या की तरफ जाने वाले ट्रैफिक में भी बदलाव होगा। भारी वाहनों पर प्रतिबंध लग सकता है।
विज्ञापन
मंदिर की नई तस्वीर।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान नभ, जल और थल से पैनी नजर रखी जाएगी। इस दौरान ड्रोन हमले से बचने की रणनीति भी बनाई जा रही है, जिसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एंटी ड्रोन सिस्टम की मदद ली जाएगा। समारोह के लिए अयोध्या में केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और यूपी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार कैंप कर रहे हैं। करीब 30 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात कर चप्पे-चप्पे की निगरानी हो रही है। सुरक्षा के दृष्टिगत सरयू नदी से भी निगरानी की जाएगी। बता दें कि कार्यक्रम के लिए 90 करोड़ रुपये के अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण भी खरीदे गए हैं।
विज्ञापन
बदल सकता है रूट
अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दृष्टिगत आगामी 14 जनवरी को मकर संक्रांति से अयोध्या की ओर जाने वाले व्यवसायिक वाहनों पर प्रतिबंध लग सकता है। इतना ही नहीं, करीब सौ किमी के दायरे में किसी भी भारी वाहन को अयोध्या की ओर जाने नहीं दिया जाएगा। यह व्यवस्था आगामी 24 जनवरी तक लागू रह सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मंगलवार को इस बाबत बनाई गयी विस्तृत कार्ययोजना की समीक्षा के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
विज्ञापन
बता दें कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह के आयोजन के दौरान रूट डायवर्जन की विस्तृत कार्ययोजना बनाई गयी है। डीजीपी मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी लगातार इसमें बदलाव कर रहे हैं। इस कार्ययोजना को अमली जामा पहनाने और अतिथियों के सुरक्षित आवागमन के लिए एडीजी जोन, लखनऊ पीयूष मोर्डिया को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सूत्रों की मानें तो आगामी 22 जनवरी के कार्यक्रम के दृष्टिगत बड़े पैमाने पर रूट डायवर्ट किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर कानपुर से लखनऊ आने वाले भारी वाहनों को भी दूसरे रास्तों पर डायवर्ट किया जा सकता है।
विज्ञापन
इसी तरह अयोध्या के आसपास के जिलों में भी भारी वाहनों को दूसरे जिलों से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचना होगा। कार्यक्रम के दिन अयोध्या में केवल चुनिंदा निजी वाहनों को ही आवागमन की अनुमति दी जा सकती है। केवल अतिथियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सरकारी कार्य में लगे वाहन ही जिले में प्रवेश कर पाएंगे। फिलहाल इस योजना पर मंगलवार को मुख्यमंत्री की मुहर लगने के बाद ही लागू करने की तैयारी है।