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ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर ग्राम प्रधान की हत्या, दो राहगीर भी घायल
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अयोध्या। इनायतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम हल्ले द्वारिकापुर के प्रधान देवशरण यादव की सोमवार देर शाम घर के पास बारुन मोड़ पर ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी गई।
हमलावरों की फायरिंग में दो राहगीर घायल हुए हैं। इनमें से एक को गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है। घटना से पूरे इलाके में तनाव फैल गया है।
आक्र्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी के घर में आग लगा दी। इस पर पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को खदेड़ दिया। गांव के लोग चुनावी रंजिश को हत्या की वजह मान रहे हैं।
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जबकि कुछ लोग पुराने भूमि विवाद को वजह बता रहे हैं। घटना के कुछ देर बाद आक्रोशित लोगों ने आरोपी के घर में आग लगा दी। इससे गांव में जबर्दस्त तनाव है।
वारदात की सूचना पाकर पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौका मुआयना किया। तनाव को देखते हुए गांव में फोर्स तैनात की गई है।
इनायतनगर के हल्ले द्वारिकापुर गांव के प्रधान देवशरण यादव सोमवार शाम को बारुन मोड़ पर गए थे। जहां करीब साढ़े सात बजे कुछ हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
इससे कई गोलियां लगने से देवशरण की मौत हो गई। जबकि फायरिंग की चपेट में आने से राहगीर सतीश के मुंह व अर्जुन की पीठ में गोली लगी है। ये दोनों इनायत नगर के निवासी बताए जा रहे हैं।
वारदात के बाद हमलावर फायरिंग करते हुए भाग गए। घटना से पूरे गांव में अफरातफरी मच गई है। आनन-फानन में घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां से सतीश को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। उधर घटना से आक्रोशित लोगों ने आरोपी के घर में आग लगा दी। बवाल बढ़ता देख पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को खदेड़ दिया।
गांव में तनाव के चलते पुलिस फोर्स मुस्तैद है। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने मौका मुआयना कर पीड़ित परिवारीजनों से पूछताछ की। इसके साथ ही पुलिस की कई टीमों ने आरोपी की तलाश में जुट गई है।
हल्ले द्वारिकापुर गांव के प्रधान देवशरण यादव के घर पर एक दिन पहले हमला हुआ था। आरोपियों ने घर पर पथराव करने के साथ ही गालियां देते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी।
देवशरण ने थाने में तहरीर भी दी थी मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे में घटना के पीछे पुलिस की लापरवाही भी सामने आ रही है। यदि पुलिस रविवार को प्रधान के घर पर हमले के मामले में कार्रवाई करती तो शायद हत्या की वारदात न होती।
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हमलावरों की फायरिंग में दो राहगीर घायल हुए हैं। इनमें से एक को गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है। घटना से पूरे इलाके में तनाव फैल गया है।
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आक्र्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी के घर में आग लगा दी। इस पर पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को खदेड़ दिया। गांव के लोग चुनावी रंजिश को हत्या की वजह मान रहे हैं।
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जबकि कुछ लोग पुराने भूमि विवाद को वजह बता रहे हैं। घटना के कुछ देर बाद आक्रोशित लोगों ने आरोपी के घर में आग लगा दी। इससे गांव में जबर्दस्त तनाव है।
वारदात की सूचना पाकर पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौका मुआयना किया। तनाव को देखते हुए गांव में फोर्स तैनात की गई है।
इनायतनगर के हल्ले द्वारिकापुर गांव के प्रधान देवशरण यादव सोमवार शाम को बारुन मोड़ पर गए थे। जहां करीब साढ़े सात बजे कुछ हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
इससे कई गोलियां लगने से देवशरण की मौत हो गई। जबकि फायरिंग की चपेट में आने से राहगीर सतीश के मुंह व अर्जुन की पीठ में गोली लगी है। ये दोनों इनायत नगर के निवासी बताए जा रहे हैं।
वारदात के बाद हमलावर फायरिंग करते हुए भाग गए। घटना से पूरे गांव में अफरातफरी मच गई है। आनन-फानन में घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां से सतीश को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। उधर घटना से आक्रोशित लोगों ने आरोपी के घर में आग लगा दी। बवाल बढ़ता देख पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को खदेड़ दिया।
गांव में तनाव के चलते पुलिस फोर्स मुस्तैद है। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने मौका मुआयना कर पीड़ित परिवारीजनों से पूछताछ की। इसके साथ ही पुलिस की कई टीमों ने आरोपी की तलाश में जुट गई है।
हल्ले द्वारिकापुर गांव के प्रधान देवशरण यादव के घर पर एक दिन पहले हमला हुआ था। आरोपियों ने घर पर पथराव करने के साथ ही गालियां देते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी।
देवशरण ने थाने में तहरीर भी दी थी मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे में घटना के पीछे पुलिस की लापरवाही भी सामने आ रही है। यदि पुलिस रविवार को प्रधान के घर पर हमले के मामले में कार्रवाई करती तो शायद हत्या की वारदात न होती।