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Lucknow News: दो स्रोतों से बिजली आपूर्ति, लाइनमैन की करंट लगने से मौत
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रंजीत कुमार। फाइल फोटो।
लखनऊ। चिनहट इलाके में रविवार सुबह 10:30 बजे यूपीएसआईडीसी उपकेंद्र पर तैनात लाइनमैन रंजीत कुमार (35) की करंट लगने से मौत हो गई। वह उपभोक्ताओं की बंद बिजली चालू करने के लिए अपट्रॉन इंडस्ट्रियल एरिया के देवस्थान इलाके में गए थे। हादसे के बाद साथी कर्मचारियों ने लोहिया अस्पताल में हंगामा किया। घटना की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। रंजीत बाराबंकी के ग्राम पलटूपुर सिरसावां के रहने वाले थे।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 11 हजार वोल्ट के फीडर पर दो स्रोतों से बिजली आपूर्ति होने के कारण हादसा हुआ। रंजीत बंद बिजली चालू करने के लिए जिस खंभे पर चढ़े थे, उस पर ओमेगा पावर हाउस से बिजली की आपूर्ति हो रही थी। हालांकि, पहले इस फीडर को यूपीएसआईडीसी पावर हाउस से बिजली मिलती थी। यही वजह थी कि लाइनमैन यूपीएसआईडीसी पावर हाउस से ही इस फीडर की बिजली बंद करवाकर खंभे पर काम करने पहुंच गए।
अधिशासी अभियंता अभय प्रताप सिंह ने बताया कि शनिवार शाम फीडर के कुछ उपभोक्ताओं की आपूर्ति ओमेगा पावर हाउस से चालू की गई थी, जबकि पहले यह बिजली यूपीएसआईडीसी से चल रही थी। लाइनमैन ने खंभे पर चढ़कर जैसे प्लास से लाइन छुआ, उन्हें करंट लगा और वह नीचे गिर पड़े। लोहिया अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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परिवार को मिलेगी आर्थिक मदद
मुख्य अभियंता सुशील गर्ग ने बताया कि रंजीत के परिवार को 7.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, पत्नी को पारिवारिक पेंशन और बच्चों की शिक्षा के लिए अलग से मदद दी जाएगी। परिवार में पत्नी के अलावा 12 साल का बेटा और छह साल की बेटी है।
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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 11 हजार वोल्ट के फीडर पर दो स्रोतों से बिजली आपूर्ति होने के कारण हादसा हुआ। रंजीत बंद बिजली चालू करने के लिए जिस खंभे पर चढ़े थे, उस पर ओमेगा पावर हाउस से बिजली की आपूर्ति हो रही थी। हालांकि, पहले इस फीडर को यूपीएसआईडीसी पावर हाउस से बिजली मिलती थी। यही वजह थी कि लाइनमैन यूपीएसआईडीसी पावर हाउस से ही इस फीडर की बिजली बंद करवाकर खंभे पर काम करने पहुंच गए।
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अधिशासी अभियंता अभय प्रताप सिंह ने बताया कि शनिवार शाम फीडर के कुछ उपभोक्ताओं की आपूर्ति ओमेगा पावर हाउस से चालू की गई थी, जबकि पहले यह बिजली यूपीएसआईडीसी से चल रही थी। लाइनमैन ने खंभे पर चढ़कर जैसे प्लास से लाइन छुआ, उन्हें करंट लगा और वह नीचे गिर पड़े। लोहिया अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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परिवार को मिलेगी आर्थिक मदद
मुख्य अभियंता सुशील गर्ग ने बताया कि रंजीत के परिवार को 7.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, पत्नी को पारिवारिक पेंशन और बच्चों की शिक्षा के लिए अलग से मदद दी जाएगी। परिवार में पत्नी के अलावा 12 साल का बेटा और छह साल की बेटी है।