खुशखबरीः दिवाली पर नहीं होगा पॉवर कट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिवाली के लिए पावर कॉर्पोरेशन को 1350 मेगावाट बिजली और मिल गई है। इसमें से पांच कंपनियों से 1050 मेगावाट बिजली खरीदी जाएगी तो 300 मेगावाट हिमाचल प्रदेश से बैंकिंग के जरिये मिलेगी।
1950 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का इंतजाम हो जाने के बाद पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन का जोर अब धनतेरस से लेकर दिवाली तक बिना किसी व्यवधान के आपूर्ति करने पर है।
शनिवार को खोले गए टेंडर्स मेंलगभग आधा दर्जन कंपनियों ने टेंडर में हिस्सा लिया। हिमाचल प्रदेश ने 300 मेगावाट बिजली बैंकिंग के आधार पर उपलब्ध कराई है जो बाद में उसे लौटाई जाएगी।
इसके अलावा 21 से 25 अक्तूबर तक जेएसडब्ल्यू से 200 मेगावाट, एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम से 300 मेगावाट, अडानी पावर से 200 मेगावाट, वंदना विद्युत से 50 मेगावाट तथा मित्तल प्रोसेसर से 300 मेगावाट बिजली खरीदने का फैसला किया गया।
पावर कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्र का कहना है कि मौजूदा नेटवर्क पर दिवाली के दिन अधिकतम 12,500 मेगावाट ही आपूर्ति संभव हो सकेगी।
राज्य और केंद्रीय बिजलीघरों से कुल उपलब्धता 9,500-10,000 मेगावाट रहने की संभावना है। लगभग 20 मिलियन यूनिट बिजली एनर्जी एक्सचेंज से खरीदी जाएगी।
ऐसे में उम्मीद है कि दिवाली पर बिजली की कमी नहीं रहेगी और पूरे प्रदेश को पर्याप्त आपूर्ति की जा सकेगी।
बिजली समस्या आई, तो देना होगा जवाब
दिवाली पर आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर रखने के लिए पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन संजय अग्रवाल व एमडी एपी मिश्र ने बिजली कंपनियों के एमडी के साथ लंबी बैठक करके रणनीति तैयार की और जरूरी निर्देश दिए।
अग्रवाल ने साफ कहा कि दिवाली पर आपूर्ति में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए। अगले दो दिन में सारी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।
शक्ति भवन में दोपहर दो बजे से रात आठ बजे तक चली बैठक में अग्रवाल ने बिजली कंपनियों के एमडी से दिवाली के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि 33 केवी उपकेंद्रों पर वरिष्ठ अधिकारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई जाए और गड़बड़ियों को ठीक कराने के लिए तकनीकी स्टॉफ को जरूरी कल-पुर्जों व उपकरणों के साथ तैयार रखा जाए।
रिजर्व में ट्रांसफार्मर भी रखे जाएं जिससे कहीं फाल्ट होने पर ज्यादा देर तक आपूर्ति बाधित न रहे। उन्होंने कहा कि 21 से 25 अक्तूबर के बीच कोई इकाई बंद नहीं होनी चाहिए।
इकाइयों को पूरी क्षमता से चलाकर पर्याप्त बिजली का उत्पादन किया जाए। अगर कोई बंद हुई या उत्पादन में कमी आई तो सीधे जीएम ही जवाबदेह होंगे और संबंधित जीएम को निलंबित किया जाएगा।