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अब मनमाने ढंग से इन्क्रीमेंटल कॉस्ट नहीं लगा सकेंगी बिजली कंपनियां

Sat, 14 Mar 2020 12:33 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 14 Mar 2020 12:33 PM IST
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Power companies will not be able to apply incremental cost on its own

बिजली खरीद लागत में वृद्धि की आड़ में बिजली कंपनियां अब मनमाने ढंग से इन्क्रीमेंटल कॉस्ट (बिजली खरीद लागत में वृद्धि की भरपाई) नहीं लगा सकेंगी। इन्क्रीमेंटल कॉस्ट लगाने से पहले बिजली कंपनियों को राज्य विद्युत नियामक आयोग से अनुमति लेनी होगी।

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इसके लिए मौजूदा समय में प्रभावी मल्टी ईयर टैरिफ रेगुलेशन में संशोधन की कवायद शुरू हो गई है। शुक्रवार को नियामक आयोग ने रेगुलेशन में प्रस्तावित संशोधन पर सुनवाई की। आयोग जल्द ही रेगुलेशन में संशोधन पर फैसला कर सकता है।
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इसी साल जनवरी में बिना नियामक आयोग की अनुमति के बगैर बिजली कंपनियों ने इन्क्रीमेंटल कॉस्ट के नाम पर बिजली दरों में चार से 66 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि कर दी थी। इसे लेकर बखेड़ा खड़ा होने के बाद पावर कॉर्पोरेशन ने दरों में वृद्धि पर रोक लगा दी थी। इन्क्रीमेंटल कॉस्ट के मुद्दे पर अब विद्युत नियामक आयोग भी हरकत में आ गया है।

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बिजली दरों में वृद्धि पर अंकुश के लिए कानून में बदलाव जरूरी

शुक्रवार को आयोग के सभागार में सार्वजनिक सुनवाई के दौरान मल्टी ईयर टैरिफ रेगुलेशन में संशोधन पर चर्चा हुई। आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह की अध्यक्षता में सदस्य कौशल किशोर शर्मा व विनोद कुमार श्रीवास्तव की पूर्ण पीठ ने सुनवाई की। पावर कॉर्पोरेशन ने कुछ आपत्तियों के साथ नियामक आयोग के समक्ष अपना लिखित सुझाव प्रस्तुत किया।

उपभोक्ताओं की तरफ से पक्ष रखते हुए राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि  इन्क्रीमेंटल कॉस्ट के नाम पर बिजली दरों में वृद्धि पर अंकुश लगाने के लिए कानून में बदलाव जरूरी है। कई राज्यों में किसानों व बीपीएल पर कोई इन्क्रीमेंटल कॉस्ट नहीं लगता क्योंकि यह सब्सिडी वाली श्रेणी है।

ऐसी व्यवस्था यूपी में भी होनी चाहिए। विद्युत अधिनियम 2003 के  प्रावधानों के तहत बिजली कंपनी के लिए सरकार से सहमति लेना अनिवार्य किया जाए। अनमीटर्ड उपभोक्ताओं से पैसा लेने के बाद भी उनके यहां मीटर नहीं लगाया गया है, इसलिए उनके ऊपर भी इन्क्रीमेंटल कॉस्ट नहीं लागू होनी चाहिए।

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