बिजली कंपनियों का कारनामा, ग्रामीणों से 955 करोड़ रुपये ज्यादा वसूल लिया बिल
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बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं की जेब काटने में जुटी हैं। इन्होंने गांवों में 50 लाख से ज्यादा ग्रामीण अनमीटर्ड उपभोक्ताओं से लगभग 955 करोड़ रुपये ज्यादा इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी वसूल ली। इनसे पांच फीसदी की जगह 20 फीसद इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी वसूली गई। यह सिलसिला 2012 से चल रहा है। अब राज्य विद्युत नियामक आयोग ने पावर कार्पोरेशन से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
पिछले दिनों राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने ग्रामीण अनमीटर्ड उपभोक्ताओं से पांच की जगह 20 फीसदी इलेक्ट्रिसिटी डयूटी वसूले जाने का खुलासा किया था। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने मंगलवार को विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष एस.के. अग्रवाल से मिलकर इस मुद्दे पर जनहित प्रत्यावेदन दाखिल किया।
परिषद ने आयोग बतौर साक्ष्य कुछ ग्रामीण अनमीटर्ड उपभोक्ताओं के बिल भी सौंपे जिनमें 20 प्रतिशत इलेक्ट्रिसिटी डयूटी लगाई की गई है।
दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
उपभोक्ता परिषद ने आयोग से अनुरोध किया कि बीते पांच वर्षों में ज्यादा वसूले गए लगभग 955 करोड़ रुपये ब्याज सहित ग्रामीण अनमीटर्ड उपभोक्ताओं को वापस दिलाया जाएं। साथ ही दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
नियामक आयोग के अध्यक्ष ने पावर कार्पोरेशन के एमडी को सात दिन के अंदर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। इस बाबत आयोग के निदेशक (टैरिफ) डॉ. अमित भार्गव ने पावर कार्पोरेशन के एमडी को पत्र भेजा है।