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पावर कार्पोरेशन ने बताया, इस गर्मी कैसी रहेगी बिजली व्यवस्था
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 20 Apr 2016 11:10 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश में सर्वाधिक बिजली आपूर्ति का रिकार्ड इस बार अप्रैल में ही टूट गया। पिछले वर्ष 11 जून को प्रदेश में सर्वाधिक 304 मिलियन यूनिट (13521 मेगावाट) बिजली की आपूर्ति की गई थी।
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मंगलवार को प्रदेश में अब तक की सर्वाधिक 305.6 मिलियन यूनिट (14099 मेगावाट) आपूर्ति की गई जबकि शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति के लिए मांग 299.4 मिलियन यूनिट (लगभग 13,400 मेगावाट)थी।
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पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन का दावा है कि इस बार गर्मी में बिजली आपूर्ति के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। मई से सितंबर के लिए भी पर्याप्त बिजली का इंतजाम है। यही नहीं आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए वितरण एवं ट्रांसमिशन नेटवर्क का भी विस्तार कराया गया है।
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आपूर्ति व्यवस्था सुधारने के लिए बिजली वितरण कंपनियों को आकस्मिकता निधि आवंटित करने का भी फैसला किया गया है।
पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्र ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मंगलवार को प्रदेश में अब तक की सबसे ज्यादा 14099 मेगावाट बिजली की उपलब्धता रही।
उन्होंने कहा कि मई में भी बिजली की मांग करीब 14500 मेगावाट के आसपास ही रहने का अनुमान है। जून और फिर सितंबर में मांग करीब 16000 मेगावाट से ऊपर पहुंचने की संभावना है।
इसके मद्देनजर पर्याप्त बिजली का इंतजाम किया गया है। मिश्र ने दावा किया कि पिछले साल दीवाली और इस साल होली पर भी पूरे प्रदेश में कटौतीमुक्त आपूर्ति की गई।
पिछले साल के मुकाबले इस साल अप्रैल में बिजली की मांग में लगभग 50 मिलियन यूनिट की वृद्धि हुई है। पिछले साल अप्रैल में प्रतिबंधित मांग (शिड्यूल के अनुसार) करीब 11000 मेगावाट और औसत उपलब्धता करीब 15000 मेगावाट थी।
इस साल अप्रैल में प्रतिबंधित मांग करीब 13000 मेगावाट और उपलब्धता इससे कुछ ज्यादा है।