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एक मई से जिलों में डाकिये पहुंचाएंगे टीबी मरीजों के सैंपल, यूपी इस नई व्यवस्था को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना
Fri, 24 Apr 2020 11:08 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 24 Apr 2020 11:08 AM IST
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- फोटो : सोशल मीडिया
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प्रदेश में एक मई से सभी जिलों में टीबी (क्षय रोग) के बलगम के सैंपल डाकिये पहुंचाएंगे। स्वास्थ्य भवन में बृहस्पतिवार को राज्य क्षय रोग विभाग और भारतीय डाक विभाग के बीच इसके लिए करार हो गया। पायलट प्रोजेक्ट के तहत लखनऊ, आगरा, बदायूं और चंदौली जिले में पहले चरण में यह कार्यक्रम चलाया गया था।
उसमें मिली सफलता के आधार पर अब यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू होगी। उत्तर प्रदेश इस व्यवस्था को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। राज्य क्षय रोग कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि पहले टीबी मरीजों के स्पुटम के सैंपल कोरियर से भेजे जाते थे।
जिससे रोगियों की पहचान और इलाज शुरू होने में देरी हो जाती थी। इस करार के अनुसार प्रदेश के करीब 2300 अधिकृत टीबी जांच केंद्रों (डीएसटी) से 24 घंटे के अंदर 142 सीबीनैट मशीन सेंटर तक सैंपल पहुंचाने का काम डाक विभाग करेगा।
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सीबीनैट मशीन सेंटर से प्रदेश के आठ जिलों लखनऊ, आगरा, अलीगढ, बरेली, मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर और इटावा में स्थित ड्रग कल्चर सेंसटिविटी टेस्ट सेंटर तक 48 घंटे के अंदर सैंपल पहुंचाया जाएगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रुकुमकेस की उपस्थिति में इस करार पर राज्य क्षय रोग कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता और डाक विभाग के सहायक निदेशक (पीडी) ओम प्रकाश ने हस्ताक्षर किए ।
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उसमें मिली सफलता के आधार पर अब यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू होगी। उत्तर प्रदेश इस व्यवस्था को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। राज्य क्षय रोग कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि पहले टीबी मरीजों के स्पुटम के सैंपल कोरियर से भेजे जाते थे।
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जिससे रोगियों की पहचान और इलाज शुरू होने में देरी हो जाती थी। इस करार के अनुसार प्रदेश के करीब 2300 अधिकृत टीबी जांच केंद्रों (डीएसटी) से 24 घंटे के अंदर 142 सीबीनैट मशीन सेंटर तक सैंपल पहुंचाने का काम डाक विभाग करेगा।
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सीबीनैट मशीन सेंटर से प्रदेश के आठ जिलों लखनऊ, आगरा, अलीगढ, बरेली, मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर और इटावा में स्थित ड्रग कल्चर सेंसटिविटी टेस्ट सेंटर तक 48 घंटे के अंदर सैंपल पहुंचाया जाएगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रुकुमकेस की उपस्थिति में इस करार पर राज्य क्षय रोग कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता और डाक विभाग के सहायक निदेशक (पीडी) ओम प्रकाश ने हस्ताक्षर किए ।
ऐसे कार्य करेगा नेटवर्क
प्रदेश में लगभग 4.22 लाख टीबी (क्षय) रोगी हैं। इनमें बीमारी और दवा की प्रतिरोधक क्षमता की जांच के लिए बलगम का सैंपल जिला अस्पतालों में बने सीबीनैट सेंटर भेजा जाता है। इन सैंपल को समय से पहुंचाना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती होता है।
अब सैंपल को डेजिग्नेटेड माइक्रोस्कोपिक सेंटर (डीएमसी) से लेकर जिला अस्पताल में बने सीबीनैट (कार्ट्रिज बेस्ड न्यूक्लिक एसिड टेस्ट) सेंटर तक डाकिया पहुंचाएंगे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर स्थित माइक्रोस्कोपिक सेंटर पर लिए गए मरीज के दो सैंपल को ट्रिपल लेयर पैकिंग करके डाकिये को सौंपा जाएगा।
अब सैंपल को डेजिग्नेटेड माइक्रोस्कोपिक सेंटर (डीएमसी) से लेकर जिला अस्पताल में बने सीबीनैट (कार्ट्रिज बेस्ड न्यूक्लिक एसिड टेस्ट) सेंटर तक डाकिया पहुंचाएंगे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर स्थित माइक्रोस्कोपिक सेंटर पर लिए गए मरीज के दो सैंपल को ट्रिपल लेयर पैकिंग करके डाकिये को सौंपा जाएगा।