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Lucknow News: खुद को पीएमओ ऑफिस का अधिकारी बताकर सेवानिवृत्त शिक्षक से ऐंठे 23 लाख रुपये
Sat, 24 Jan 2026 02:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 24 Jan 2026 02:15 AM IST
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लखनऊ। जालसाज ने खुद को पीएमओ ऑफिस का अधिकारी बताकर सुशांत गोल्फ सिटी की अशोक विहार कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक निर्मल मसीह (67) से 23 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
निर्मल मसीह के मुताबिक उन्होंने 2016 में इंश्योरेंस पॉलिसी कराई थी। मैच्योरिटी के बाद भी उन्हें रकम नहीं मिली थी। काफी प्रयास करने के बाद भी कुछ नहीं होने पर उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी। कुछ दिन पहले उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। फोनकर्ता ने खुद को पीएमओ ऑफिस का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनकी 2016 में हुई जो पॉलिसी मरी थी उसकी रकम ब्याज जोड़कर अब 17 करोड़ हो गई है। यह रकम प्रधानमंत्री योजना के तहत आपके खाते में दी जाएगी। ठग ने इसके लिए सेबी और आईबीआई की फीस के नाम पर उनसे 23 लाख रुपये मांगे। इस पर उन्होंने अपने खाते से 13 लाख और अपने शिष्य से 10 लाख रुपये लेकर ठग के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
आरोप है कि इसके बावजूद भी उन्हें 17 करोड़ रुपये नहीं मिले। उन्होंने जब ठग को कॉल किया तो नंबर स्विच ऑफ जाने लगा। इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय के मुताबिक वृद्ध से ठग के खाते की जानकारी मांगी गई है। मामले की तफ्तीश साइबर क्राइम सेल कर रही है।
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निर्मल मसीह के मुताबिक उन्होंने 2016 में इंश्योरेंस पॉलिसी कराई थी। मैच्योरिटी के बाद भी उन्हें रकम नहीं मिली थी। काफी प्रयास करने के बाद भी कुछ नहीं होने पर उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी। कुछ दिन पहले उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। फोनकर्ता ने खुद को पीएमओ ऑफिस का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनकी 2016 में हुई जो पॉलिसी मरी थी उसकी रकम ब्याज जोड़कर अब 17 करोड़ हो गई है। यह रकम प्रधानमंत्री योजना के तहत आपके खाते में दी जाएगी। ठग ने इसके लिए सेबी और आईबीआई की फीस के नाम पर उनसे 23 लाख रुपये मांगे। इस पर उन्होंने अपने खाते से 13 लाख और अपने शिष्य से 10 लाख रुपये लेकर ठग के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
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आरोप है कि इसके बावजूद भी उन्हें 17 करोड़ रुपये नहीं मिले। उन्होंने जब ठग को कॉल किया तो नंबर स्विच ऑफ जाने लगा। इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय के मुताबिक वृद्ध से ठग के खाते की जानकारी मांगी गई है। मामले की तफ्तीश साइबर क्राइम सेल कर रही है।
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