फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Poor condition of teachers in school.

शर्मनाक: जीआईसी में हिन्दी लेक्चरार नहीं लिख पाए इमला

Sat, 07 Nov 2015 03:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 07 Nov 2015 03:31 PM IST
विज्ञापन
Poor condition of teachers in school.

सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता का चाहे जितना ढिंढोरा पीटा जाए पर जमीनी हकीकत इससे एकदम उलटी दिखाई देती है। शुक्रवार को शिक्षा के इसी स्तर को परखने निकली डीआईओएस की टीम को ऐसे नजारे देखने को मिले कि उन्होंने अपना माथा पीट लिया।

विज्ञापन


अधिकारियों ने जीआईसी रायबरेली में हिन्दी के प्रवक्ता रणवीर प्रताप सिंह से ब्लैक बोर्ड पर भारत महिमा लिखवाया तो उन्होंने भारत महिमी लिख दिया। और तो और क्लास में छात्रों के सामने हिन्दी की किताब भी ठीक से नहीं पढ़ पाए।
विज्ञापन


शासन के निर्देश पर राजकीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता जांची जा रही है। शुक्रवार को डीआईओएस विनय मोहन की अगुवाई में टीम जीआईसी पहुंची।

छात्रों से किए गए सवाल पर नहीं मिला जवाब

Poor condition of teachers in school.

प्रैक्टिकल कर रहे जीव विज्ञान के छात्रों से कई सवाल किए लेकिन सभी ने मौन साधते हुए कोई जवाब नहीं आया। यहां तक कि जीव विज्ञान की परिभाषा तक बच्चे नहीं बता सके।

इसके बाद टीम 12वीं कक्षा में पहुंच गई। यहां हिन्दी प्रवक्ता रणवीर प्रताप सिंह बच्चों को हिन्दी पढ़ा रहे थे। टीम ने प्रवक्ता को ब्लैक बोर्ड पर भारत महिमा लिखने के लिए कहा। टीचर ने भारत महिमी लिख दिया। बाद में हिन्दी की किताब पढ़ने के लिए कहा तो गुरु जी उसे भी ठीक से नहीं पढ़ पाए।

यह नजारा देख टीम के साथ ही कक्षा में मौजूद छात्र भी अवाक रह गए। डीआईओएस विनय मोहन ने बताया कि हिन्दी प्रवक्ता के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed