शर्मनाक: जीआईसी में हिन्दी लेक्चरार नहीं लिख पाए इमला
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सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता का चाहे जितना ढिंढोरा पीटा जाए पर जमीनी हकीकत इससे एकदम उलटी दिखाई देती है। शुक्रवार को शिक्षा के इसी स्तर को परखने निकली डीआईओएस की टीम को ऐसे नजारे देखने को मिले कि उन्होंने अपना माथा पीट लिया।
अधिकारियों ने जीआईसी रायबरेली में हिन्दी के प्रवक्ता रणवीर प्रताप सिंह से ब्लैक बोर्ड पर भारत महिमा लिखवाया तो उन्होंने भारत महिमी लिख दिया। और तो और क्लास में छात्रों के सामने हिन्दी की किताब भी ठीक से नहीं पढ़ पाए।
शासन के निर्देश पर राजकीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता जांची जा रही है। शुक्रवार को डीआईओएस विनय मोहन की अगुवाई में टीम जीआईसी पहुंची।
छात्रों से किए गए सवाल पर नहीं मिला जवाब
प्रैक्टिकल कर रहे जीव विज्ञान के छात्रों से कई सवाल किए लेकिन सभी ने मौन साधते हुए कोई जवाब नहीं आया। यहां तक कि जीव विज्ञान की परिभाषा तक बच्चे नहीं बता सके।
इसके बाद टीम 12वीं कक्षा में पहुंच गई। यहां हिन्दी प्रवक्ता रणवीर प्रताप सिंह बच्चों को हिन्दी पढ़ा रहे थे। टीम ने प्रवक्ता को ब्लैक बोर्ड पर भारत महिमा लिखने के लिए कहा। टीचर ने भारत महिमी लिख दिया। बाद में हिन्दी की किताब पढ़ने के लिए कहा तो गुरु जी उसे भी ठीक से नहीं पढ़ पाए।
यह नजारा देख टीम के साथ ही कक्षा में मौजूद छात्र भी अवाक रह गए। डीआईओएस विनय मोहन ने बताया कि हिन्दी प्रवक्ता के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जा रहा है।