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यूपी में आंदोलनकारी किसानों को चिह्नित करेगी पुलिस, बनेगी सूची, हिदायत- पर न बिगड़े माहौल
Mon, 28 Dec 2020 05:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 28 Dec 2020 05:03 AM IST
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उत्तर प्रदेश पुलिस
- फोटो : सोशल मीडिया
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प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे पुलिस कर्मियों और राजस्व विभाग के लोगों को गांव-गांव भेजकर किसानों को चिन्हित करें कि वे किसान आंदोलन में हिस्सा तो नहीं लेने वाले हैं? शासन स्तर से इसके लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। डीजी से लेकर डीआईजी स्तर तक के अफसरों को एक-एक जिले की जिम्मेदारी दी गई है।
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शासन की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि ये अधिकारी संबंधित जिलों में किसान संगठनों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान करें। प्रमुख किसान नेताओं की सूची तैयार की जाए। इन नेताओं से संवाद स्थापित करने के लिए जिले के अधिकारियों को लगाया जाए। अधिकारियों को तीन दिन में रिपोर्ट देने और कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा गया है।
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ये निर्देश भी...
चिह्नित धार्मिक स्थलों से जुड़े धार्मिक नेताओं से संवाद स्थापित करें। प्रभावशाली किसान नेताओं के गांवों में वरिष्ठ अधिकारी भ्रमण करें। किसान आंदोलन को लेकर खुफिया तंत्र को मजबूत कर सूचनाएं हासिल करें। विकास विभाग व अन्य विभागों से जुड़े अधिकारी किसानों से संवाद करें।
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डीजी से डीआईजी तक को मिली जिम्मेदारी
नोएडा में डीजी जेल आनंद कुमार, बागपत में कमल सक्सेना जैसे वरिष्ठ अफसरों को लगाया गया है। मेरठ में जोन के एडीजी राजीव सब्बरवाल को जबकि लखनऊ में डीजी होमगार्ड विजय कुमार को जिम्मेदारी दी गई है।
माहौल न बिगड़ने पाए
शासन की ओर से कहा गया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सांप्रदायिक, जातीय सद्भाव को बिगाड़ने वाला भड़काऊ भाषण न हो। कोविड के नए स्ट्रेन के खतरे को देखते हुए गाइडलाइन का पालन पूरी तरह से कराया जाए।