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अजीत हत्याकांड में शूटर राजेश के मददगारों विपुल व कुणाल की तलाश में दबिश
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लखनऊ। मोहम्मदाबाद गोहना के पूर्व उप जेष्ठ प्रमुख अजीत सिंह की हत्या के मामले में मददगारों की तलाश कर रही लखनऊ पुलिस ने सात से आठ स्थानों पर दबिश दी। बृहस्पतिवार रात लखनऊ, आजमगढ़ और जौनपुर के संभावित ठिकानों पर पड़ी थी, लेकिन पुलिस के हाथ कोई नहीं लगा। पुलिस को इस हत्याकांड में घायल शूटर राजेश तोमर की मदद करने वाले विपुल सिंह और कुणाल की तलाश है।
हत्याकांड में मददगारों की तलाश में विभूतिखंड पुलिस ने बृहस्पतिवार को दो टीमों को जौनपुर भेजा था। दोनों टीमों ने जौनपुर के पांच ठिकानों पर छापा मारा, लेकिन दोनों मददगार नहीं मिले। पुलिस के मुताबिक इन ठिकानों पर विपुल सिंह और कुणाल के करीबियों से पूछताछ की गई। उसी आधार पर लखनऊ के तीन ठिकानों पर भी दबिश दी गई। उधर शूटर संदीप को फिर से रिमांड पर लेने की तैयारी पुलिस ने शुरू कर दी है।
बता दें कि छह जनवरी को कठौता चौराहे पर छह शूटरों ने मऊ के हिस्ट्रीशीटर अजीत सिंह को गोलियों से छलनी दिया था। एक शूटर गिरधारी को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। इस मुठभेड़ को लेकर सवाल खड़े हुए थे। इसकी जांच भी चल रही है। वहीं इस मामले में घायल शूटर राजेश का इलाज कराने में मददगार बने विपुल सिंह को भी पुलिस नहीं पकड़ पा रही है। उसके साथ ही कुणाल भी पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। इन दोनों की तलाश में दो टीमें बृहस्पतिवार को जौनपुर गईं। फिर एक टीम ने आजमगढ़ में दबिश दी।
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हत्याकांड में मददगारों की तलाश में विभूतिखंड पुलिस ने बृहस्पतिवार को दो टीमों को जौनपुर भेजा था। दोनों टीमों ने जौनपुर के पांच ठिकानों पर छापा मारा, लेकिन दोनों मददगार नहीं मिले। पुलिस के मुताबिक इन ठिकानों पर विपुल सिंह और कुणाल के करीबियों से पूछताछ की गई। उसी आधार पर लखनऊ के तीन ठिकानों पर भी दबिश दी गई। उधर शूटर संदीप को फिर से रिमांड पर लेने की तैयारी पुलिस ने शुरू कर दी है।
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बता दें कि छह जनवरी को कठौता चौराहे पर छह शूटरों ने मऊ के हिस्ट्रीशीटर अजीत सिंह को गोलियों से छलनी दिया था। एक शूटर गिरधारी को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। इस मुठभेड़ को लेकर सवाल खड़े हुए थे। इसकी जांच भी चल रही है। वहीं इस मामले में घायल शूटर राजेश का इलाज कराने में मददगार बने विपुल सिंह को भी पुलिस नहीं पकड़ पा रही है। उसके साथ ही कुणाल भी पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। इन दोनों की तलाश में दो टीमें बृहस्पतिवार को जौनपुर गईं। फिर एक टीम ने आजमगढ़ में दबिश दी।
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