निर्दोष को भी फंसा देती है UP पुलिस, ऑडियो से सामने आया कानून का दागी चेहरा
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पुलिस के लिए कोई भी काम असंभव नहीं है। ऐसा ही एक कारनामा गोसाईगंज थाने के एसआई ने किया। भाकियू नेता के खिलाफ पहले तो एसओ के कहने पर अमानत में खयानत के तहत केस दर्ज किया गया। फिर दबाव में उसे दोषी करार देते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई।
विवेचक की बातचीत एक युवक ने बाकायदा अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली। पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। प्रकरण गंभीर है, पूरे मामले की जांच होगी।
गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के सैफुल्लागंज निवासी भाकियू नेता शकील अहमद कुरैशी पर बीते 18 मार्च को पुलिस ने धारा 406 के तहत खुर्शीद अहमद निवासी फरीदीपुर की तहरीर पर केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था।
दो दिनों तक थाने में पिटाई के बाद 20 मार्च को शांति भंग के अंदेशे में शकील अहमद का चालान भी कर दिया गया था। पुलिस की ज्यादती के खिलाफ भाकियू नेता ने तिकोनिया पार्क में अमरण अनशन किया।
ऑडियो में बोला-जबरदस्ती लगवा के गए हैं
पीड़ित ने मुख्यमंत्री से लेकर उच्चाधिकारियों से फरियाद की थी। डीएम के आदेश पर हुई जांच में एसओ गोसाईगंज सुरेंद्र सिंह दोषी पाए गए थे। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी अमित वर्मा ने एसओ सुरेंद्र सिंह को बुधवार को लाइन हाजिर कर दिया था।
बृहस्पतिवार को सैफुल्लागंज के ही रिजवान ने गोसाईगंज थाने में तैनात रहे एसआई महेंद्र कुमार के मोबाइल पर अपने मोबाइल से कॉल किया। मौजूदा समय में महेंद्र कुमार कोतवाली नगर के लक्ष्मणपुर पुलिस चौकी इंचार्ज हैं।
रिजवान ने भाकियू नेता शकील अहमद पर दर्ज मुकदमे में चार्जशीट के बारे में पूछताछ की तो उन्होंने कहा कि ‘...चार्जशीट लगी है। थाने में पेंडिंग नहीं है। चार्जशीट कोर्ट चली गई है। अरे वो जबरदस्ती सुरेंद्र सिंह लगवा के गए हैं, लगवा दिए थे न, जानही रहे हो सबकुछ’। बातचीत का वीडियो वायरल होने पर पुलिस का सच उजागर हुआ है।