अयोध्या: अपहरण के आरोपी ग्राम प्रधान के घर को जेसीबी से गिरा दिया, 20 लाख की संपत्ति ध्वस्त
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अयोध्या में अपहरण के आरोपी ग्राम प्रधान संजय वर्मा का घर पुलिस ने जेसीबी से गिरा दिया और लगभग 20 लाख की संपत्ति को ध्वस्त कर दिया गया। संजय वर्मा का घर खलिहान की जमीन पर बना था। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने घर को ढहा दिया और जमीन को खाली करवा लिया।
मामला थाना हैदरगंज के कटौना गांव का है। जहां 9 अक्तूबर की सुबह सेना में भर्ती की तैयारी में दौड़ लगाने जा रहे युवक आशीष वर्मा को असलहे के बल पर बाइक सवार तीन लोगों ने अगवा कर लिया। 48 घंटे बीत जाने के बाद भी हैदरगंज पुलिस के हाथ खाली ही हैं। इतना ही नहीं नामजद पांचों अपरहणकर्ता भी अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं।
घटना से नाराज ग्रामीणों ने 10 अक्तूबर को खपराडीह इंटर कॉलेज के पास तारुन रोड को जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे गोसाईगंज के भाजपा विधायक खब्बू तिवारी ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और जाम खुलवाया। पूरे मामले में हैदरगंज पुलिस की भारी लापरवाही सामने आई है। डीआईजी/एसएसपी दीपक कुमार ने लापरवाही के आरोप में एसएचओ हैदरगंज सुनील वर्मा को निलंबित कर दिया है। जिसके बाद पुलिस की तीन टीमें आरोपियों की तलाश कर रही हैं।
तीन टीमें कर रहीं आरोपियों की तलाश
बता दें जमीन के विवाद को लेकर 27 सितंबर को अपहरण हुए युवक आशीष वर्मा के पिता शेर बहादुर वर्मा पर आरोपियों ने फायरिंग की थी। शिकायत के बाद भी पुलिस ने इस मामले में कोई एक्शन नहीं लिया था और इसी के चलते नौ अक्तूबर को युवक आशीष वर्मा का अपहरण कर लिया गया। पुलिस ने गांव के ही ग्राम प्रधान समेत पांच लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया है।
युवक की तलाश के लिए पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं। आरोपियों पर दबाव बनाने के लिए अयोध्या पुलिस ने ग्राम समाज की जमीन पर बने ग्राम प्रधान संजय वर्मा के घर को जेसीबी मशीन से गिरवा दिया। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने सरकारी जमीन को खाली करवा लिया है।