मोस्ट वांटेड बना मायावती को गाली देने वाला दयाशंकर, लखनऊ से बलिया तक छापे
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बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ अपमानजनक बयान देने वाला दयाशंकर सिंह यूपी पुलिस का मोस्ट वांटेड बन गया है। बुधवार रात से ही पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लखनऊ से बलिया तक ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा।
बृहस्पतिवार को बसपाइयों के 36 घंटे में गिरफ्तारी के अल्टीमेटम के बाद पुलिस ने उसे दबोचने में पूरी ताकत झोंक दी है। लखनऊ की क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और हजरतगंज पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
एडीजी कानून-व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी ने उसकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ को भी लगा दिया। बलिया के हरपुर स्थित आवास से उसके भाई सहित कई रिश्तेदारों को उठा लिया गया है।
बलिया के हरपुर निवासी दयाशंकर सिंह के राजधानी में छह ठिकाने हैं लेकिन फिलवक्त वह कैसरबाग स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी में रह रहा था।
मोबाइल लोकेशन से बलिया में होने का पता चला
बुधवार रात ही हजरतगंज और कैसरबाग कोतवाली की टीम ने उसके आवास पर दबिश दी लेकिन वहां सिर्फ नौकर मिला। सर्विलांस की टीम ने दयाशंकर के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस की तो उसके बलिया में होने का पता चला।
एसएसपी मंजिल सैनी ने बलिया पुलिस से संपर्क करके उसकी लोकेशन बताई। हालांकि, बलिया पुलिस को चकमा देकर वह गोरखपुर निकल गया। इसके बाद उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया।
बृहस्पतिवार सुबह फिर मोबाइल फोन चालू हुआ तो लोकेशन मऊ में मिली। इस पर हजरतगंज कोतवाली की एक टीम तत्काल मऊ भेज दे गई।
कोर्ट में सरेंडर की कोशिश में जुटा भाजपा से निष्कासित नेता
भाजपा से निष्कासित दयाशंकर सिंह कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश में जुटा है। पुलिस का बढ़ता दबाव देखकर उसने अपने वकील साथियों से सरेंडर कराने को लेकर बातचीत की।
दोपहर करीब तीन बजे दयाशंकर के सरेंडर करने की अफवाह भी उड़ी। पुलिस ने कोर्ट के इर्द-गिर्द सादे कपड़ों में घेराबंदी कर रखी थी लेकिन वह नहीं आया। बाद में पता चला कि दयाशंकर बुधवार रात ही राजधानी से भाग निकला था।
पुलिस अधिकारियों को फोन कर टोह लेते रहे भाजपाई
दयाशंकर को भले ही भाजपा ने छह साल के लिए निष्कासित कर दिया हो लेकिन उसके समर्थक अब भी पैरोकारी में जुटे हैं। भाजपा के कई नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से फोन पर संपर्क कर गिरफ्तारी रोकने के लिए कहा।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि भाजपा नेता दयाशंकर के खिलाफ लगाई गई धाराओं और उन धाराओं के तहत गिरफ्तारी व सजा के बारे में जानकारी ले रहे थे। कई नेताओं ने यह भी पूछा कि धाराएं जमानती हैं या गैर जमानती।
कई मकानों व प्लॉट पर कर रखा है कब्जा
दयाशंकर ने ऑफिसर्स कॉलोनी स्थित आवास समेत राजधानी में कई मकानों व प्लॉट पर कब्जा कर रखा है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसके कब्जे की संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। उससे कब्जा खाली कराने की तैयारी की जा रही है।