सीतापुर की चुनावी सभा: दलित वोट बैंक साधने की कोशिश करते दिखे मोदी, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे को भी दी धार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीतापुर की अपनी चुनावी जनसभा में दलित वोट बैंक को साधने का प्रयास किया। उन्होंने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे को धार दी। नैमिषारण्य को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा।
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अवध क्षेत्र में बुधवार को अपनी पहली चुनावी सभा में जहां संत रविदास के बहाने दलित वोट बैंक साधने की कोशिश की, वहीं सपा व कांग्रेस पर दलितों की अनदेखी का आरोप लगाकर दोनों पार्टियों को कटघरे में खड़ा भी किया। मोदी ने हिंदुओं के प्रमुख तीर्थ नैमिषारण्य का जिक्र करके सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे को धार भी दी। कहा, नैमिषारण्य के प्रति परिवारवादियों का रवैया यूपी की जनता भूल नहीं सकती है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने इसके विकास के लिए ठोस कदम उठाए है। पिछली सरकारों में यह तीर्थस्थल उपेक्षित रहा था।
उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि वह संत रविदास की जन्मस्थली काशी के सांसद हैं। भगवान ने उन्हें काशी में रविदास मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य करने के लिए निमित्त बनाया है। इतने सालों से जो काम नहीं हुआ था, वह काम करने का मौका मिला है। जबकि भक्त काफी समय से इसकी मांग कर रहे थे।
उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय वे लोग रविदास जयंती पर लंगर चखकर फोटो खींचाकर चले जाते थे। वर्ष 2017 से पहले जिन्होंने पांच साल तक सरकार चलाई, उन्हें संत रविदास के नाम से कितनी चिढ़ रही है, यह यूपी की जनता से ज्यादा कोई नहीं जानता है।
...और जुड़ गया ‘सबका प्रयास’
मोदी ने कहा कि संत रविदास की जयंती से उनकी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर चल रही है। सरकार की योजनाओं के केंद्र में गरीब, दलित, पिछड़े, शोषित और वंचितों का कल्याण है। गौरतलब है कि वर्ष 2014 के चुनाव के बाद मोदी ने ‘सबका साथ-सबका विकास’ का मंत्र दिया था। वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव के समय ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ का नया मंत्र दिया। अब यूपी के विधानसभा चुनाव में इसमें ‘सबका प्रयास’ भी जुड़ गया।
कोरोना काल में रविदास के कथन को मूलमंत्र मानकर किया काम
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भाजपा सरकार ने गरीबों का जीवन बचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। संत रविदास कहा करते थे ‘ऐसा चाहूं राज मैं, मिले सबन को अन्न, छोटे बड़ों सब संग बसे, रविदास रहे प्रसन्न।’
उन्होंने कहा कि संत रविदास के इसी मंत्र को ध्यान में रखकर यूपी के 15 करोड़ लोगों को दो साल से मुफ्त राशन दिया जा रहा है। इसमें 9 करोड़ लोग पिछड़े वर्ग, तीन करोड़ अनुसूचित जाति और तीन करोड़ लोग सामान्य वर्ग के गरीब परिवार से हैं।