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दो साल बाद भी पूरे नहीं हुए नोटबंदी के वादे, जनता से मांफी मांगें पीएम : मायावती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 09 Nov 2018 02:32 PM IST
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मायावती
- फोटो : ANI
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नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला बोला। शुक्रवार को जारी एक बयान में मायावती ने कहा कि नोटबंदी के दौरान बीजेपी सरकार द्वारा जितने भी वादे जनता से किए गए थे सभी झूठे साबित हुए हैं।
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दो साल पूरे होने के बाद भी उन उद्देश्यों की पूर्ति नहीं हो पाई है, जिनके लिए मोदी सरकार ने नोटबंदी की थी। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने चुनावी घोषणाओं की तरह नोटबंदी के दौरान भी जनता से झूठ बोला था, इसके लिए बीजेपी को जनता से मांफी मांगनी चाहिए।
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मायावती ने कहा कि इस नोटबंदी ने सर्वसमाज के मेहनतकश लोगों की रोजी-रोटी छीन ली। लाखों लोगों को बेरोजगार कर दिया। वहीं दूसरी ओर बेजेपी एंड कंपनी के तमाम चहेतों ने इसका फायदा उठाकर अपना कालाधन विभिन्न माध्यमों से बैंकों में जमाकर सफेद कर लिया।
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बसपा सुप्रीमो ने बीजेपी द्वारा चुनाव के दौरान किए गए प्रत्येक परिवार को 15 लाख रुपए, अच्छे दिन, किसानों की आत्महत्या रोकने जैसे वादों को याद दिलाते हुए कहा कि पिछले चार सालों में बीजेपी सरकार द्वारा अपने वादों के मुताबिक एक भी जनकल्याण का काम नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार की गलत नीतियों और अहंकारी रवैये ने आमजन का जीवन पहले से और बदतर बना दिया है। मायावती ने नोटबंदी को एक व्यक्ति की मनमानी व अहंकार का नतीजा बताया। साथ ही इसके लिए देश की जनता से मांफी मांगने की मांग की है।
गौरतलब है कि 8 नवंबर 2016 को मोदी सरकार ने 500 और 1000 के नोटों को चलने से बाहर कर दिया था। मोदी सरकार ने नोटबंदी के जरिए कालाधन पर प्रहार करने का दावा किया था। हालांकि अब तक आए आंकड़े नोटबंदी के दौरान किए गए दावों पोल खोल रहे हैं।
नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर जहां विपक्षी दल नोटबंदी को सरकार का बिना सोचे-समझे उठाया गया कदम बता रहे हैं। वहीं बीजेपी के नेता इसके फायदे गिना रहे हैं। सरकार का दावा है कि नोटबंदी के बाद से टैक्स कलेक्शन में काफी बढ़ोत्तरी हुई है।