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प्रधानमंत्री को पसंद आया अयोध्या के विकास का डॉक्यूमेंट विजन: पीएम बोले- संस्कार नगरी के रूप में किया जाए विकसित

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 26 Jun 2021 10:24 PM IST

सार

प्रधानमंत्री ने अयोध्या को पुरातन अयोध्या की तरह एक जीवंत शहर बनाने का आह्वान करते हुए अयोधा के विकास में पौराणिकता और संस्कार पर खास फोकस रखने को कहा है। उ
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पीएम मोदी
पीएम मोदी - फोटो : ANI
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विस्तार

धार्मिक नगरी अयोध्या के विकास के लिए विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार ‘डॉक्यूमेंट विजन’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बेहद पसंद आया है। उन्होंने डॉक्यूमेंट विजन का प्रजेंटेशन देखने के बाद अयोध्या को एक संस्कार नगरी के तौर पर विकसित करने के साथ ही युवाओं के लिए भी एक प्रेरणा स्थल के तौर पर स्थापित करने का सुझाव दिया। पीएम ने कहा कि युवा वर्ग में मर्यादा, भाई के प्रति प्रेम समाज में रहने तरीके जैसे राम के गुण विकसित करने को ध्यान में रखकर पार्क आदि में प्रेरणा स्थल बनाएं, जिसमें ऐसे तकनीक का इस्तेमाल किया जाए कि रामायण को जीवंत किया जा सके।
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प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन दीपक कुमार ने शनिवार को यहां प्रधानमंत्री के समक्ष अयोध्या के विकास के डॉक्यूमेंट विजन का श्रेणीवार प्रजेंटेशन पेश किया। इससे पहले अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने प्रधानमंत्री के समक्ष अयोध्या के विकास पर आधारित करीब 6 मिनट की एक लघु फिल्म को दिखाकर वहां हो रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। प्रजेंटेशन व फिल्म देखने के बाद प्रधानमंत्री ने डॉक्यूमेंट विजन और कराये जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अयोध्या को युवा वर्ग केलिए भी उतना ही रोचक बनाइए, जितना बुजुर्गों और तीर्थयात्रियों के लिए हो।


प्रधानमंत्री ने अयोध्या को पुरातन अयोध्या की तरह एक जीवंत शहर बनाने का आह्वान करते हुए अयोधा के विकास में पौराणिकता और संस्कार पर खास फोकस रखने को कहा है। उन्होंने अवस्थापना विकास के साथ ही यहां के कला को भी विकसित करने की व्यवस्था होनी चाहिए। अयोध्या को इस तरह से तैयार किया जाए कि यहां रहने व आने वाले लोग रामायण को अपने भीतर उतार सके।  

पीएम के समक्ष हुए श्रेणीवार प्रजेंटेशन की खास बातें
आध्यात्मिक केंद्र
आध्यात्मिक केन्द्र के तौर पर बस रही अयोध्या में आध्यात्मिक नगर, वैदिक एवं पारंपरिक ज्ञान और उत्सवधर्मी नगर भी बसाए जाएंगे। तीर्थ यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाएं, पर्यटन का विविधीकरण, हब एंड स्पोक्स परिपथ, मंदिरों और धरोहरों का संरक्षण एवं भ्रमण, सरयू का तटीय विकास, ब्रांड अयोध्या का प्रचार-प्रसार और सुगम परिवहन की व्यवस्था की जाएगी। सुविधायुक्त सामुदायिक आश्रय, हरित एवं सौर ऊर्जाकृत नगर, आधुनिक अवस्थापना विकास, आत्मनिर्भर नगर, भूगर्भ जल, अपशिष्ट प्रबंधन आर्गेनिक खेती, वृहद क्षेत्र का विकास कराया जाएगा।

अयोध्या से जुड़ेंगे ये भी दर्शनीय व धार्मिक स्थल
- 140 किमी. दूर स्थित लखनऊ के मनकामेश्वर मंदिर, हनुमान सेतु मंदिर, आंबेडकर मेमोरियल पार्क, जूलॉजिकल गार्डन व लखनऊ संग्रहालय।
- 160 किमी दूर स्थित प्रयागराज का संगम, अक्षय वट, प्रयागराज का किला व आनंद भवन।
- 135 किमी. दूर स्थित गोरखपुर का गोरखनाथ मंदिर, रेल संग्रहालय, गीता वाटिका, रामगढ़ ताल व वीर बहादुर सिंह तारा मंडल।
- 150 किमी. दूर स्थित वाराणसी में गंगा में नौकायन, काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन मंदिर, दुर्गा माता मंदिर और भारत माता मंदिर और गंगा की संध्या आरती समेत अन्य प्राचीन मंदिर।

अयोध्या में क्या होगा खास:
- विजन, लक्ष्य एवं रणनीतियां
. वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र
. वैश्विक पर्यटन थल
. सुनियोजित विकास और स्मार्ट सिटी

प्रमुख परियोजनाएं
. अवस्थापना सुविधाओं का विकास
. ग्रीन फील्ड टाउनशिप
. पर्यटन सुविधाओं का विकास

आध्यात्मिक नगर
. पौराणिक महत्व के मुख्य क्षेत्र का मंदिर वास्तुकला के अनुरूप विकास
. आध्यात्मिक सदभाव को बढ़ावा
. धरोहरों का संरक्षण
. परिक्रमा मार्गों पर सांस्कृतिक कार्यक्त्रस्मों का आयोजन
. प्राचीन मंदरों का दस्तावेजीकरण
. अयोध्या शब्दकोष का निर्माण

परिक्रमा मार्गों के विकास का खाका
. सड़क चौड़ीकरण
. छायादार सुरक्षित पैदल पथ
. विश्राम कक्ष, शौचालयए एवं सामुदायिक सुविधाएं
. फूड कोर्ट, मुक्तकाशी मंच
. स्ट्रीट फर्नीचन, साइनेज एवं हेरिटेज लाईटिंग
. बाढ़ नियंत्रण

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक जाने वाले मार्गों का विकास
. अयोध्या मुख्य मार्ग.बाईपास रोड से नया घाट 2.0 किमी
. अयोध्या मुख्य मार्ग. नया घाट से सादातगंज 13.5 किमी
. श्रृंगार हाट से श्रीराम जन्म भूमि मंदर मार्ग 0.85 किमी
. सुग्रीव किला से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर मार्ग 0.70 किमी

उत्सव धर्मी नगर अयोध्या
. नवरात्रि से दीपावली तक 15 दिन सांस्कृतिक आयोजन
. भरत कुंड पौराणिक एवं सांस्कृतिक आयोजन
. ग्रीनफील्ड टाउनशिप में प्रदर्शनियों का आयोजन
. परिक्त्रस्मा मार्ग पर श्रीराम जीवन वृत्त से संबंधित प्रदर्शनियों का आयोजन

ज्ञान केंद्र के रूप में विकास
. वैदिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा प्रोत्साहन
. अंतर्राष्ट्रीय महत्व की कल्याणकारी अवधारणाओं को प्रोत्साहन
. हस्तशिल्प, चिकित्सा इतिहास, पुरातत्व कला और विज्ञान को प्रोत्साहन
. स्वस्थ्य जीवन शैली को बढ़ावा

स्ट्रीट लेवल सुविधाएं
. नगर के प्रवेश द्वार पर पर्यटक आवास और सुविधा केंद्र
. फूड कोर्टए शिल्प हाट एवं जन सुविधाएं
. मार्ग निर्देशिका

तीर्थ के अनुकूल सुविधाएं
. प्रदेश द्वार पर यात्री सुविधाएं एवं धर्मशालाएं

पर्यटन सर्किट
. बौद्ध सर्किट 1116 किमी
. अवध सर्किट 245 किमी
. बुंदेलखंड सर्किट 676 किमी
. विंध्य.वाराणसी सर्किट 70 किमी
. ब्रज सर्किट 71 किमी
. वाइल्ड लाइफ. इको पर्यटन सर्किट 522 किमी होगा
. राष्ट्रीय सर्किट में रामायण और सप्तपुरी सर्किट होगा

अवस्थापना सुविधाओं का विकास
. मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा
. अयोध्या धाम बस स्टेशन एवं रेलवे स्टेशन सुधारीकण
. समेकिट ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रणाली यानी स्मार्ट एवं सेफ सिटी प्रोजेक्ट
. पार्किंग सुविधाए श्रीराम जन्मभूमि मंदिर संपर्क मार्ग व रिंग रोड

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