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पीएम की बिजली बंद करने की अपील बनी चुनौती, ग्रिड सुरक्षित रखने की कवायद में जुटा एसएलडीसी

Fri, 03 Apr 2020 11:17 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Mohit Mudgal Updated Fri, 03 Apr 2020 11:17 PM IST
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PM appeal to shut down the power challenge, SLDC engaged in the exercise of keeping the grid safe
सांकेतिक तस्वीर

रविवार को रात नौ बजे से नौ मिनट तक घरेलू बिजली बंद रखने की पीएम नरेंद्र मोदी की अपील बिजली अभियंताओं के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। प्रदेश में सभी घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बंद करने से बिजली की मांग में 3000 मेगावाट से ज्यादा की कमी होने की संभावना है। इससे ग्रिड की फ्रीक्वेंसी हाई हो सकती है। ऐसे में ग्रिड को सुरक्षित रखने की कवायद शुरू कर दी गई है।

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ग्रिड को सुरक्षित रखने के लिए 5 अप्रैल को रात 8 बजे से ही आपात कटौती शुरू करने की योजना बनाई गई है। साथ ही सभी ट्रांसमिशन उपकेंद्रों पर अधीक्षण अभियंता से लेकर अवर अभियंताओं को तकनीकी स्टाफ के साथ मुस्तैद रहने को कहा गया है। यही नहीं बिजली की मांग घटने की संभावना को देखते हुए बिजलीघरों को भी आवश्यकतानुसार उत्पादन में कमी करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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दरअसल, प्रदेश में जितनी बिजली का उत्पादन होता है, उतनी ही आपूर्ति भी होनी चाहिए, तभी सामान्य रूप से ग्रिड का संचालन हो सकता है। उत्पादन कम और मांग ज्यादा होने पर ग्रिड की फ्रीक्वेंसी कम (लो) तथा उत्पादन ज्यादा और मांग कम होने पर फ्रीक्वेंसी हाई हो सकती है। इन दोनों स्थितियों में ही ग्रिड के फेल होने का खतरा रहता है।
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इस समय औद्योगिक, वाणिज्यिक व कृषि लोड नहीं है। शाम के वक्त बिजली की अधिकतम मांग 14000 मेगावाट से ज्यादा है। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) के अभियंताओं का कहना है कि एकाएक लोड में 3000 मेगावाट की कमी होने से ग्रिड की फ्रीक्वेंसी हाई हो सकती है, जिससे ग्रिड के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

पीएम की अपील के तुरंत बाद एसएलडीसी व यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन 5 अप्रैल को रात नौ बजे बिजली की बंदी से ग्रिड पर आने वाले संकट से निपटने की रणनीति बनाने में जुट गए हैं। एसएसडीसी के निदेशक राम स्वारथ ने शुक्रवार को ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन के निदेशक (ऑपरेशन), राज्य विद्युत उत्पादन निगम के निदेशक (तकनीकी) व पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वितरण) को पत्र भेजकर अपने-अपने स्तर से जरूरी उपाय करने का अनुरोध किया है ताकि ग्रिड को सुरक्षित रखा जा सके।

पत्र में कहा गया है कि 5 अप्रैल को प्रदेश में रात 8 बजे से नौ बजे के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में बारी-बारी से आपात कटौती शुरू की जाएगी ताकि एक साथ लोड कम न हो।


ट्रांसमिशन उपकेंद्रों पर मुस्तैद रहेंगे अभियंता

उधर, ट्रांसमिशन कार्पोरेशन के निदेशक (ऑपरेशन) आर.के. सिंह की ओर से सभी मुख्य अभियंताओं को भेजे गए पत्र में कहा है कि 5 अप्रैल को रात 8 से 10 बजे के बीच ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन के प्रत्येक उपकेंद्र पर अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता व अवर अभियंता में से कम से कम एक अधिकारी अपने चार्ज मोबाइल व कुशल तकनीकी सहायक तथा श्रमिकों के साथ उपस्थित रहें, जिससे उपकेंद्रों का सुचारू रूप से संचालन हो सके।

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