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Lucknow: कल मालिक के रिश्तेदार को सौंप दी जाएगी पिटबुल ब्राउनी, मालकिन की ले ली थी जान, अब सामान्य है व्यवहार
Wed, 27 Jul 2022 05:58 PM IST
ishwar ashish
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 27 Jul 2022 05:58 PM IST
सार
अपनी मालकिन की जान लेने वाली पिटबुल ब्राउनी का व्यवहार अब पूरी तरह से सामान्य है। वह बदले माहौल में कर्मचारियों के साथ मिलकर रह रही है।
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ब्राउनी अब पूरी तरह से सामान्य है।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
राजधानी लखनऊ के कैसरबाग के बंगाली टोला में अपनी ही मालकिन पर हमला कर उनकी जान लेने वाली पिटबुल ब्राउनी को नगर निगम जरहरा स्वान केंद्र में आए हुए बुधवार को 14 दिन पूरे हो गए। इन 14 दिनों में ब्राउनी का मिजाज बिल्कुल सामान्य हो गया है। इसी के साथ अब वह 15वें दिन स्वान केंद्र से आजाद हो जाएगी।
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उसके मालिक अमित त्रिपाठी ही उसे ले जाएंगे मगर उसे अपने पास नही बल्कि किसी रिश्तेदार के घर रखेंगे। इसको लेकर उन्हें शपथ पत्र भी देना होगा। बृहस्पतिवार को दोपहर दो बजे वह जरहरा स्वान केंद्र जरूरी शपथ पत्र व अपने रिश्तेदार के साथ ब्राउनी को लेने पहुंचेंगे। जहां पर नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी ने ब्राउनी को उनके हवाले कर देंगे।
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ब्राउनी को स्वान केंद्र लाने वाले और उसके व्यवहार पर नजर रखने वाले नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डॉ अभिनव वर्मा ने बताया कि पहले एक-दो दिन तो ब्राउनी गुमसुम रही लेकिन उसके बाद से देखरेख करने वाले केंद्र के कर्मचारियों के साथ सामान्य व्यवहार कर रही है। एक सप्ताह से तो वह कर्मचारियों के साथ आराम से खुले में उनके हाथों से खाना खा रही। उनके साथ गेंद भी खेल रही है। ब्राउनी का व्यवहार अब बिल्कुल सामान्य है। वह कर्मचारियों के साथ घुलमिल गई है।
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कर्मचारी अब उसे बाड़े की बजाय खुले में ही अपने हाथों से खाना भी खिला रहे हैं । उसके साथ गेम खेल रहे हैं । वह पूरी मस्ती कर रही है। उसका व्यवहार इस समय बिल्कुल सामान्य है। ब्राउनी की अभी नसबंदी भी नहीं की गई है। बुधवार को अमित त्रिपाठी नगर निगम मुख्यालय आये। उनको नियम बताया गया कि पिटबुल उनको नहीं दी जा सकती यदि उनका कोई रिश्तेदार चाहे तो ले सकता है। मेनका गांधी ने भी पिटबुल का व्यवहार सामान्य होने पर किसी अन्य को देने को कहा है।
...तो इसलिए पुराने मालिक को नहीं मिलेगी ब्राउनी
नगर निगम की पशु अधिकारी डॉ अभिनव वर्मा का कहना है ब्राउनी को अब उसके मालिक अमित त्रिपाठी अपने घर पर नहीं रख सकते क्योंकि स्वान लाइसेंस उपविधि 2003 में प्रावधान है कि यदि पड़ोसी को आपत्ति है तो स्वान का लाइसेंस नगर निगम निरस्त कर देगा और उसे जब्त कर लेगा। अपने ही मालकिन की जान लेने का आरोप भी पिटबुल ब्राउनी पर लग चुका है ।
घटना के बाद जब मौके पर नगर निगम की टीम गई थी तो उस समय भी लोग पिटबुल से डरे हुए थे यानी उनको पिटबुल से आपत्ति है। इसके अलावा अमित त्रिपाठी के घर पर पिटबुल को रखने को लेकर पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं है जैसी पिटबुल को चाहिए। माहौल न मिलने के कारण ही वह हिंसक हुई।
अमित त्रिपाठी का कहना है कि वह ब्राउनी को अपने घर में नहीं रखेंगे और उसे अपने रिश्तेदार के घर पर रखेंगे। रिश्तेदार ही उसकी देखभाल करेगा। इसको लेकर अमित त्रिपाठी और उनके रिश्तेदार दोनों शपथ पत्र देंगे। जिसके बाद पिटबुल उनको सौंप दिया जाएगा। इसके लिए बृहस्पतिवार को दोपहर दो बजे का समय उनको दिया गया है कि वह जराहरा स्वान केंद्र पर आकर पिटबुल को ले जाए।