पिंडरा : भाजपा-कांग्रेस के बीच चल रही कांटे की टक्कर, किसान बहुल इलाके में पटेल, भूमिहार-यादव मतदाता हैं निर्णायक भूमिका में
कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय इस सीट से चार बार जीत दर्ज कर चुके हैं, जबकि वर्तमान विधायक अवधेश सिंह दूसरी बार जीत दर्ज करने के लिए मैदान में हैं। वहीं, बाबूलाल पटेल भी बसपा से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
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पिंडरा विधानसभा में भाजपा को अपनी जीत दोहराने के लिए इस बार कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। किसान बहुल इलाके में पटेल, भूमिहार और यादव मतदाताओं के वोट निर्णायक होंगे। पिंडरा सीट पर भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा के बीच चतुष्कोणीय मुकाबले की चर्चा है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय इस सीट से चार बार जीत दर्ज कर चुके हैं, जबकि वर्तमान विधायक अवधेश सिंह दूसरी बार जीत दर्ज करने के लिए मैदान में हैं। वहीं, बाबूलाल पटेल भी बसपा से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
यह सीट कभी वामपंथियों का गढ़ रही है। 2017 में अजय राय ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था और तीसरे नंबर पर रहे थे। भाजपा के अवधेश सिंह ने बसपा के बाबूलाल को 36,849 मतों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की थी। पिछले दो-तीन चुनावों का आकलन करें, तो हर बार बसपा दूसरे नंबर पर रही है। इस बार भाजपा ने अवधेश सिंह और बसपा ने बाबूलाल पटेल को दोबारा उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने अजय राय को, सपा व अपना दल कमेरावादी ने राजेश कुमार सिंह और आम आदमी पार्टी ने अमर सिंह पटेल को मैदान में उतारा है। 2012 में कांग्रेस नेता अजय राय ने बसपा के जयप्रकाश को शिकस्त दी थी। अजय राय 1996 में पहली बार कोलअसला से भाजपा के टिकट पर विधायक बने। इसके बाद उन्होंने 2002 और 2007 में भी यहां से कमल खिलाया। 2012 के विधानसभा चुनाव में पिंडरा सीट के वजूद में आने के बाद कांग्रेस के टिकट पर अजय राय ने जीत हासिल की।
पटेल 50 हजार
भूमिहार 45 हजार
यादव 35 हजार
एससी 30 हजार
राजभर 25 हजार
ब्राह्मण 15 हजार
2017 का चुनाव परिणाम
अवधेश सिंह, भाजपा 90,614
बाबूलाल, बसपा 53,765
अजय राय, कांग्रेस 48,189