{"_id":"f16d0615420c1616bac6773b89427791","slug":"photo-exhibition-at-saint-francis","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदर्शनी में दिखा वास्तु शास्त्र का इतिहास ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदर्शनी में दिखा वास्तु शास्त्र का इतिहास
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 29 Apr 2014 10:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय वास्तु शास्त्र का इतिहास हर पीरियड में कुछ अलग पहचान लिए हुए
विज्ञापन
हैं।
वास्तु शास्त्र की यह विविधता और इस्लामिक, यूरोपियन व भारतीय विधा का फ्यूजन सोमवार को सुशांत गोल्फ सिटी स्थित अंसल स्कूल ऑफ आर्किटेक्ट में देखने को मिला।
इसके लिए दो दिवसीय प्रदर्शनी की शुरुआत सोमवार को इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटैक) ने की। प्रदर्शनी में भारतीय वास्तु शास्त्र और इससे बनी प्रमुख इमारतों पर फोकस किया गया।
प्रदर्शनी में प्रथम शताब्दी से मौजूदा समय तक की आर्किटेक्ट की जानकारी दी गई है।
मंगलवार को दूसरे दिन मुंबई से आए पद्मश्री डॉ. सरयू दोशी, आर्ट इतिहासकार का लेक्चर होगा।
वास्तु शास्त्र की यह विविधता और इस्लामिक, यूरोपियन व भारतीय विधा का फ्यूजन सोमवार को सुशांत गोल्फ सिटी स्थित अंसल स्कूल ऑफ आर्किटेक्ट में देखने को मिला।
इसके लिए दो दिवसीय प्रदर्शनी की शुरुआत सोमवार को इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटैक) ने की। प्रदर्शनी में भारतीय वास्तु शास्त्र और इससे बनी प्रमुख इमारतों पर फोकस किया गया।
प्रदर्शनी में प्रथम शताब्दी से मौजूदा समय तक की आर्किटेक्ट की जानकारी दी गई है।
मंगलवार को दूसरे दिन मुंबई से आए पद्मश्री डॉ. सरयू दोशी, आर्ट इतिहासकार का लेक्चर होगा।