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एसजीपीजीआई के डॉक्टर पी रहे मिलावटी दूध
ज्ञान सक्सेना/लखनऊ
Updated Tue, 10 Dec 2013 02:16 AM IST
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एसजीपीजीआई परिसर में रहने वाले डॉक्टरों व नर्सिग स्टाफ की सेहत सुरक्षित नहीं है। प्रयोगशाला जांच में आवासीय परिसरों में खराब दूध की सप्लाई का खुलासा हुआ है।
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एफएसडीए की जिला इकाई टीम ने शिकायत के बाद सप्लाई हो रहे दूध के नमूने जांच के लिए सीलबंद कर प्रयोगशाला भेजे थे।
इसके साथ ही मोहनलालगंज की एक दुकान से लिया गया बावर्ची ब्रांड सरसों के तेल का नमूना भी जांच में फेल निकला है। आरोपितों के खिलाफ एक्ट के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई तय होगी।
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एफएसडीए जिला इकाई टीम के नामित नोडल अधिकारी व सिटी मजिस्ट्रेट पीपी पाल ने बताया कि बीते सितंबर माह में पीजीआई चिकित्सकों की शिकायत पर आवासीय परिसर में दूध सप्लाई करने वाले दो दूधियों के दूध के नमूनों की सैंपलिंग कर जांच को प्रयोगशाला भेजा गया था।
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बीते दिनों प्रयोगशाला से मिली रिपोर्ट के आधार पर इनमें से अवधेश नाम के दूधिए द्वारा की जा रही दूध की लैब रिपोर्ट निगेटिव आई है।
एफएसडीए के सूत्र बताते हैं कि जांच में दूध में फैट की मात्रा मानक से कम पाए जाने पर इसे एसएनएफ (मिल्क सॉलिड नॉट फैट) के तहत सब स्टैंडर्ड (अधोमानक) मानते हुए फेल दर्शाया गया है।
लैब से जारी एक अन्य रिपोर्ट में बावर्ची ब्रांड सरसों तेल का नमूना भी पैकजिंग एक्ट के मानकों का पालन न किए जाने पर फेल हो गया।
रिपोर्ट में स्पष्ट है कि मोहनलालगंज इलाके में संचालित आरिफ किराना स्टोर से लिया गया उक्त सैंपल ब्लेंडिंग आयल का होने के बावजूद इसे मस्टर्ड बता कर बेचा जा रहा था।
नोडल अधिकारी ने बताया कि लैब रिपोर्ट में फेल निकले दोनों ही नमूनों के आधार पर अब आरोपित दूधिए व दुकान संचालक पर एफएसडीए एक्ट में उल्लेखित प्रावधानों के तहत मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के स्तर से आगे की कार्रवाई कर एडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि दिवाली पर मिलावटखोरी की रोकथाम को चले अभियान के तहत लैब जांच को भेजे गए 40 से अधिक नमूनों की जांच रिपोर्ट में जल्दी भेजे जाने के लिए संबंधित जनविश्लेषण प्रयोगशाला को निर्देशित किया गया है।