यूपी के 90 फीसदी पेट्रोल पंपों पर होता है चोरी का खेल, आसानी से लूटते हैं ग्राहक
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इलेक्ट्रानिक चिप के जरिये डीजल व पेट्रोल चोरी की घटनाओं का खुलासा होने के बाद देश भर में हड़कंप मचा हुआ है। ग्राहक सकते में हैं कि पेट्रोल पंप मालिक कितनी आसानी से उनकी गाढ़ी कमाई लूट रहे थे। एसटीएफ की कार्रवाई में कई और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
पता चला कि पेट्रोल व डीजल की चोरी का खेल सिर्फ पेट्रोल पंपों पर ही नहीं बल्कि डिपो से भी होती है। डिपो के अधिकारी-कर्मचारी टैंकर चालक के साथ मिलकर प्रति टैंकर 200 से 300 लीटर तेल चोरी कर लेते हैं। इसकी शिकायत कई बार डीलरों ने पेट्रोलियम कंपनियों से की, लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ।
इसका खुलासा चौक में केजीएमयू के सामने स्थित लालता प्रसाद फिलिंग स्टेशन के मालिक शरद कुमार वैश्य ने किया। यूपी में तेल की चोरी का खेल 90 फीसदी पेट्रोल पंपों पर चल रहा था। एसटीएफ ऐसी पहुंची पेट्रोल पंपों पर लगी चिप तक अमित पाठक ने बताया कि तेल चोरी की शिकायत काफी दिनों से मिल रही थी, लेकिन इसकी मोडस ओपरेंडी के बारे में जानकारी कर पाना मुश्किल हो रहा था।
ग्राहक बनकर एसटीएफ की टीम राजेंद्र तक पहुंची और फिर राजेंद्र ने उन्हें पेट्रोल मशीनों में लगाई गई चिप तक पहुंचाया। राजेंद्र ने इस काम के लिए विशेष प्रशिक्षण लिया हुआ है, वह चंद मिनटों में पेट्रोल की वेंडिंग मशीन में इस चिप को फिट कर देता है।
क्या करें साहब! चोरी करना मजबूरी है...
एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक की पूछताछ में शरद ने कहा, क्या करूं साहब! चोरी करना मजबूरी है, नहीं तो घर से पैसा जाएगा। डिपो से ही हमें घटतौली का पेट्रोल और डीजल आता है। इससे हर महीने 80 हजार से 90 हजार रुपये का घाटा होता है। लिहाजा चिप लगाने से न सिर्फ घाटे की भरपाई हो जाती है बल्कि कुछ पैसों की बचत भी हो जाती है।
चोरी रोकने के लिए तैयार किया जाएगा रोडमैप
पेट्रोल पंपों पर तेल की चोरी रोकने के लिए संबंधित विभागों के साथ मिलकर रोडमैप तैयार किया जाएगा। एसएसपी एसटीएफ अमित पाठक ने कहा कि इससे पहले भी देश के दूसरे हिस्सों में इस तरह की चोरी पकड़ी गई है, लेकिन संबंधित विभागों को शामिल करते हुए पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है।
उधर, प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार सवेरे से ही अलग-अलग एजेंसियों ने छापामार कर पेट्रोल पंपों की जांच की। मगर, चिप की जानकारी न होने के चलते यह ऑपरेशन पूरी तरह विफल रहा।
2, 4 व 6 पाइंट की घटतौली को भी अलग-अलग चिप
एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि तेल चोरी के लिए पेट्रोल पंप पर कई तरह की चिप लगाई जाती है। सामान्यत: घटतौली के तीन तरह की चिप लगाई जाती है। इसमें दो पाइंट, चार पाइंट और छह पाइंट की घटतौली के लिए अलग-अलग चिप लगाई जाती है।
हर माह 10 हजार ले जाता है बांट-माप इंस्पेक्टर
वहीं, एक अन्य पेट्रोल पंप मालिक ने बताया कि एक तो घटतौली की वजह से डिपो से ही कम मात्रा में पेट्रोल या डीजल आता है, उस पर से टैंकर ड्राइवर रास्ते में और 50 से 100 लीटर तक की हेराफेरी करता है।
अगर कोई ईमानदारी से पंप चला रहा हो, तो बांट-माप विभाग के इंस्पेक्टर परेशान करते हैं और लाइसेंस निरस्त कराने की धमकी देते हैं। इसके बदले वह महीने 10 हजार रुपये ले जाता है। ऐसे में पंप मालिकों के पास तेल चोरी करने के अलावा कोई चारा नहीं रहता है। यानी तेल की चोरी नहीं करेगा तो अपने कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दे पाएगा।