कैबिनेट मंत्री राजभर के निजी सचिव को हटाया, भ्रष्टाचार की शिकायत पर मुख्यमंत्री योगी का कड़ा रुख
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सचिवालय में भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के निजी सचिव अवनीश कुमार को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। इतना ही नहीं, भविष्य में किसी भी मंत्री या किसी भी विभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव या सचिव के साथ उसकी तैनाती पर भी रोक लगा दी गई है।
बुधवार को यह निर्देश मिलने के कुछ ही देर बाद अपर मुख्य सचिव, सचिवालय प्रशासन महेश कुमार गुप्ता ने उसे हटाने का आदेश जारी कर दिया।
पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री अनिल राजभर के यहां निजी सचिव श्रेणी-1 अवनीश कुमार को तैनात किया गया था। बताते हैं कि पिछले दिनों एक आईएएस अधिकारी से कहा गया था कि निजी सचिव अवनीश कुमार की बात उन्हें माननी होगी।
इस अधिकारी ने उस समय तो कुछ नहीं कहा, लेकिन पूरा प्रकरण उच्च स्तर तक पहुंचाया। कुछ मामले भी उन्होंने सामने रखे। प्रथमदृष्टया शिकायतें सही पाए जाने पर तत्काल अवनीश कुमार को हटाने के निर्देश दे दिए गए।
निजी सचिव अवनीश कुमार को रिजर्व में रखा गया
शासन की ओर से बुधवार को जारी आदेश में कहा गया है कि निजी सचिव अवनीश कुमार को तत्काल प्रभाव से कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के निजी स्टाफ से केंद्रीय अनुभाग के रिजर्व में योगदान के लिए निर्देशित किया जाता है।
बुधवार शाम को ही जारी एक अन्य आदेश में यह भी कहा गया है, ‘अवनीश कुमार, निजी सचिव श्रेणी-1 के संबंध में सम्यक विचारोपरांत उच्चस्तर पर यह निर्णय लिया गया है कि इन्हें भविष्य में कभी भी मंत्री परिषद के किसी भी सदस्य या किसी भी विभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव या सचिव के साथ तैनात नहीं किया जाएगा।’