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कोरोना की वैक्सीन लगने के बाद भी रहना होगा सतर्क
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आईसीएमआर निदेशक ने कहा- सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क होगा जरूरी
वैक्सीन आएगी और लोगों को मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग से निजात मिल जाएगी, यह सोचना गलत है। वैक्सीन लगने के बाद भी लोगों को सतर्क रहना होगा। सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क तब भी जरूरी होगा। यह कहना है आईसीएमआर के निदेशक प्रो. बलराम भार्गव का। वह शनिवार को केजीएमयू में कोविड मैनेजमेंट विषय पर आयोजित वेबिनार में बोल रहे थे।
प्रो. भार्गव ने कहा कि वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है और जल्द ही वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा। वैक्सीन वायरस से कितना और कितने समय तक बचाव करेगी, यह अभी से नहीं बताया जा सकता। यह जरूरी नहीं कि देश के हर नागरिक को वैक्सीन देनी पड़े। जरूरी यह है कि संक्रमण की चेन को तोड़ा जाए। इसके लिए हमने अगले वर्ष जुलाई तक 30 करोड़ लोगों के वैक्सीनेशन का लक्ष्य रखा है। उसके बाद आगे की रूपरेखा तैयार की जाएगी। डॉ. भार्गव ने बताया कि जितनी भी वैक्सीन के ट्रायल चल रहे हैं, उनकी दो से तीन डोज लगेंगी। अगर काम नहीं करेगी तो बूस्टर डोज भी लगानी पड़ सकती है। भारत अपने साथ 60 फीसदी अन्य विकासशील देशों के लिए भी वैक्सीन विकसित कर सकेगा। डॉ. भार्गव ने बताया कि आईसीएमआर भारत बायोटेक और जाइडस कैडिला के साथ वैक्सीन ट्रायल कर रहा है।
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वैक्सीन आएगी और लोगों को मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग से निजात मिल जाएगी, यह सोचना गलत है। वैक्सीन लगने के बाद भी लोगों को सतर्क रहना होगा। सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क तब भी जरूरी होगा। यह कहना है आईसीएमआर के निदेशक प्रो. बलराम भार्गव का। वह शनिवार को केजीएमयू में कोविड मैनेजमेंट विषय पर आयोजित वेबिनार में बोल रहे थे।
प्रो. भार्गव ने कहा कि वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है और जल्द ही वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा। वैक्सीन वायरस से कितना और कितने समय तक बचाव करेगी, यह अभी से नहीं बताया जा सकता। यह जरूरी नहीं कि देश के हर नागरिक को वैक्सीन देनी पड़े। जरूरी यह है कि संक्रमण की चेन को तोड़ा जाए। इसके लिए हमने अगले वर्ष जुलाई तक 30 करोड़ लोगों के वैक्सीनेशन का लक्ष्य रखा है। उसके बाद आगे की रूपरेखा तैयार की जाएगी। डॉ. भार्गव ने बताया कि जितनी भी वैक्सीन के ट्रायल चल रहे हैं, उनकी दो से तीन डोज लगेंगी। अगर काम नहीं करेगी तो बूस्टर डोज भी लगानी पड़ सकती है। भारत अपने साथ 60 फीसदी अन्य विकासशील देशों के लिए भी वैक्सीन विकसित कर सकेगा। डॉ. भार्गव ने बताया कि आईसीएमआर भारत बायोटेक और जाइडस कैडिला के साथ वैक्सीन ट्रायल कर रहा है।
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