फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   people not getting samajwadi pension

4 लाख लोगों के खातों में नहीं गई समाजवादी पेंशन

Fri, 05 Feb 2016 04:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 05 Feb 2016 04:22 PM IST
विज्ञापन
people not getting samajwadi pension
मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट समाजवादी पेंशन योजना में अभी तक चार लाख लाभार्थियों के खाते में एक भी किस्त नहीं गई है। इस पर शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारियों को हफ्ते भर की मोहलत दी है।
विज्ञापन


उन्हें चेतावनी दी गई है कि वे इस दौरान खाता संबंधी खामियों को दुरुस्त करवा लें या फिर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
समाजवादी पेंशन के लिए प्रदेश भर में 45 लाख लाभार्थियों का चयन किया गया है।

इस योजना में लाभार्थी को 500 रुपये महीना पेंशन दी जाती है। भुगतान तिमाही किस्तों में किया जाता है। हाल ही में इस वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही की राशि लाभार्थियों के खातों में भेजी गई।
विज्ञापन


शासन स्तर पर हुई समीक्षा में पाया गया कि तीसरी तिमाही में 40.80 लाख लाभार्थियों के खातों में ही रकम गई है। यानी, 4.20 लाख लाभार्थियों के खातों में अभी तक कोई रकम नहीं भेजी जा सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


समाज कल्याण विभाग का कहना है कि बैंक खाता संबंधी खामियों के चलते पब्लिक फाइनेंसिंग मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) ने इन खातों को स्वीकार नहीं किया। इन खामियों के ठीक होने पर ही राशि खातों में भेजी जा सकती है।

चूंकि, ये खामियां ठीक करवाने की जिम्मेदारी जिलों में डीएम और सीडीओ को दी गई है, इसलिए प्रमुख सचिव समाज कल्याण सुनील कुमार ने इन अधिकारियों को सप्ताह भर के भीतर बैंक खातों संबंधी खामियां ठीक कराने के निर्देश दिए हैं।


सुनील कुमार ने बताया कि फरवरी में ही चौथी और अंतिम किस्त की राशि भेजने का भी फैसला किया गया है। हर लाभार्थी के खाते में अंतिम किस्त के साथ ही पिछला बकाया भी भेजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed