शादी करीब पर कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रहे लोग, डीजे बजवाने की अनुमति लेना बनी आफत
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केस एक: हाथ में शादी के कार्ड संग बैड-बाजा बजवाने की अनुमति का आवेदन लिए राजाजीपुरम सेक्टर एफ निवासी हीरालाल की बेटी की शादी 5 फरवरी को होनी है। लड़के वाले भोपाल से हैं। इसलिए शादी में गेस्ट हाउस से लेकर बैंड-बाजा की जिम्मेदारी हीरालाल पर ही है। शादी की दूसरी तैयारियां छोड़कर वह मंगलवार को बैंड-बाजे की अनुमति के लिए कलेक्ट्रेट का चक्कर काटते मिले।
केस दो: अलीगंज की कुमकुम अस्थाना को भी 7 फरवरी को बेटे की शादी में बैंड-बाजा व रिसेप्शन में डांस के लिए डीजे की अनुमति चाहिए। कलेक्ट्रेट पहुंचीं कुमुकुम ने बताया कि बीते तीन दिन से अनुमति लेने के लिए कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रही हैं। इससे दूसरी तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। अनुमति देने वाले एसीएम व एडीएम के न मिल पाने से परेशानी हो रही है।
दरअसल, ध्वनि प्रदूषण रोकने को लेकर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद चेते जिला प्रशासन ने बिना अनुमति लाऊड स्पीकर या डीजे-बैंड बजाने पर रोक लगा रखी है। सहालग का सीजन शुरू होते ही लोग शादी में डीजे-बैंड बजाने की अनुमति लेने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंच रहे हैं। लेकिन राजधानी में दूसरे बड़े आयोजनों में अफसरों की व्यस्तता के चलते लोगों को बैंड की अनुमति मिल पाना मुश्किल हो रहा है। वह कई दिनों से कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रहे हैं। इसके चलते उनकी शादी की दूसरी तैयारियां प्रभावित हो रही हैं।
बीते दो दिनों में ही एडीएम पूर्वी, एडीएम पश्चिम व एडीएम ट्रांसगोमती से जुड़े क्षेत्रों के 165 आवेदन बैंड-बाजा बजवाने अथवा डीजे लगवाने की अनुमति के आ चुके हैं। इनके निस्तारण से जुड़े अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट व अपर जिलाधिकारी स्तरीय अफसरों के लखनऊ महोत्सव से लेकर यूपी इन्वेस्टर्स समिट से जुड़ी तैयारियों में व्यस्त होने के कारण अनुमति देने का कार्य फिलहाल अटका है।
भीड़-भाड़ के चलते काम करना बन जाता है चुनौती
पर्यावरण अधिनियम के तहत तय मानक की ध्वनि से बैंड बाजा बजवाने अथवा डीजे लगवाने की शर्त पर ही क्षेत्रीय पुलिस की एनओसी के आधार पर संबंधित एसीएम अथवा एडीएम से इसकी अनुमति देने का प्रावधान है।
कलेक्ट्रेट परिसर में भूतल पर स्थित एडीएम ट्रांस गोमती के कार्यालय कक्ष व प्रथम तल पर स्थित एडीएम सिटी पूर्वी व पश्चिम के पेशकार कक्ष में सुबह दस बजे से ही बैंडबाजा बजवाने अथवा डीजे सेट लगवाने की अनुमति लेने से जुड़े आवेदकों की भीड़ जुटने लगती है। इनमें आयोजक पक्ष के साथ आवेदन की वैधानिक आवश्यकता पूरी कराने को जुटे वकीलों के कारण कार्यालय कक्षों में दोपहर बाद तक भीड़ भाड़ के चलते काम काज करना भी चुनौती बना दिखता है।
कहां से कितने आवेदन
कलेक्ट्रेट कर्मियों ने बताया कि वर्तमान में शादी विवाह में बैंड-बाजा व डीजे की अनुमति से जुड़े 165 आवेदन लंबित हैं। इनमें सर्वाधिक 112 आवेदन एडीएम पूर्वी व एडीएम पश्चिम के कार्यक्षेत्र से जुड़े चारबाग, आलमबाग, कृष्णानगर, सदर, तेलीबाग, चौक, कैसरबाग, ठाकुरगंज व मोहान रोड में प्रस्तावित विवाह आयोजन के हैं। वहीं 53 आवेदन एडीएम टीजी के क्षेत्र से जुड़े गोमती नगर, महानगर, इंदिरा नगर, जानकीपुरम आदि क्षेत्रों से जुड़े हैं। इनमें से 60 फीसदी आवेदन संबंधित पुलिस थाने से एनओसी रिपोर्ट न मिल पाने के कारण जबकि 40 फीसदी आवेदन संबंधित एसीएम अथवा एडीएम की व्यस्तता के कारण अनुमति प्रपत्र पर हस्ताक्षर न हो पाने के कारण लंबित हैं।
इस पर जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा का कहना है कि वैवाहिक स्तर के मांगलिक आयोजन में बैंड-बाजा, डीजे आदि की अनुमति से जुड़े आवेदनों को प्राथमिकता पर निपटाया जाएगा। कामकाज की व्यस्तता के बावजूद कलेक्ट्रेट परिसर में अनुमति जारी करने को एक सक्षम अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य की जाएगी।