लखनऊः हेल्पलाइन नंबर पर टरकाए जा रहे पीड़ित
लॉकडाउन का फायदा उठाकर दुकानदारों ने आटा, दाल, चावल समेत सभी जरूरी सामान की कीमतें बढ़ा दी हैं। कालाबाजारी रोकने को दिए गए नंबर पर कॉल करो तो ज्यादातर व्यस्त होते हैं।
अगर नंबर लग भी गया तो शिकायत नोट करने की बात कहकर जिलाधिकारी के पास शिकायत करने को कहा जा रहा है। अमर उजाला ने जब सोमवार को कालाबाजारी रोकने के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर की हकीकत जांचनी चाहिए तो यह बात सामने निकलकर आई।
शिकायत दर्ज करने का नहीं था कोई विकल्प
कालाबाजारी रोकने को जारी हेल्पलाइन नंबर की सच्चाई परखने को रिपोर्टर ने सबसे पहले टोल फ्री नंबर-18001800300 डायल किया। कई कोशिश के बाद जब फोन लगा तो शिकायत दर्ज करने का विकल्प नहीं था।
हर बार कंप्यूटर के जरिए इसी नंबर पर शिकायत करने को कहा जा रहा था। इसके बाद नंबर- 941005006 पर कॉल करने की कोशिश की गई, लेकिन नंबर नहीं उठा।
फिर 05222622627 पर संपर्क किया गया तो मंडी सचिव कार्यालय का नंबर देकर शिकायत करने को कहा गया। उस नंबर पर फोन करने पर डीएम ऑफिस में शिकायत करने को कहा गया।
कोरोना कंट्रोल रूम के नंबर पर उपलब्ध कराई जा रही थी जानकारी
कोरोना हेल्पलाइन नंबर पूरी तरह से काम कर रहे हैं। इन नंबरों के माध्यम से लोगों को जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। रिपोर्टर ने जब इन नंबर पर फोन किया तो उस पर पूरा रिस्पॉन्स दिया गया।
जानकारी करने पर पता चला कि कंट्रोल रूप के पांचों नंबर पर कुल मिलाकर करीब पांच सौ फोन रोज आ रहे हैं। इनमें से काफी फोन अन्य जनपदों से भी आते हैं।
तो उन्हें वहां के सीएमओ कार्यालय का नंबर दिया जा रहा है। कंट्रोल रूम में सबसे ज्यादा फोन विदेश से आए व्यक्तियों के होते हैं।
दो बार में उठा कलेक्ट्रेट का नंबर, सिविल में बजती रही घंटी
कलेक्ट्रेट तथा अस्पतालों के हेल्पलाइन नंबर पर मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कलेक्ट्रेट के हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने पर पहली बार कोई जवाब नहीं मिला।
दूसरी बार फोन करने पर उधर मौजूद व्यक्ति ने समस्या पूछी। इसके बाद केजीएमयू हेल्पलाइन नंबर लगाया गया। दो में से एक नंबर तो अमान्य बताता रहा, जबकि दूसरा फोन उठा भी और समस्या जानने का प्रयास भी किया गया।
सिविल अस्पताल के हेल्पलाइन नंबर की घंटी बजती रही और किसी ने उठाने की जहमत नहीं जताई। वहीं, बलरामपुर अस्पताल की ओर से जो सीयूजी नंबर दिया गया है वह उपयोग में ही नहीं था। लोहिया संस्थान के नंबर पर भी फोन लगाने पर मान्य नहीं की आवाज आती रही।
डायल 112 सेवा पर मिली लोगों को मदद
इन सबके बीच पुलिस एक बार फिर सबसे बड़ी मददगार साबित हुई। पुलिस की डायल 112 सेवा पर लोगों को मदद दी गई। इस नंबर पर लोगों ने अपनी हर तरह की समस्या बताई। पुलिस ने यथा संभव उसका हल भी दिया। डायल 112 के अलावा पुलिस विभाग की ओर से जारी अन्य नंबरों का रेस्पांस अच्छा रहा।