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पीसीएस-प्री Exam: केंद्र की योजनाओं से जुड़े प्रश्नों ने किया परेशान, दोगुना कठिन था सीसैट पेपर

Mon, 25 Sep 2017 10:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 25 Sep 2017 10:45 AM IST
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PCS pre examination in Lucknow.
पीसीएस परीक्षा 2017 देकर बाहर निकलते परीक्षार्थी - फोटो : amar ujala

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पीसीएस-प्री परीक्षा में रविवार को करंट अफेयर्स के सवालों में इस बार केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाएं छाई रहीं। सामान्य अध्ययन के पहल पेपर में करंट अफेयर्स के साथ ही भूगोल, पर्यावरण अध्ययन, राजनीति, इतिहास, इकोनॉमी समेत हर विषय के सवाल थे। अभ्यर्थियों ने इस पेपर को बीते साल के मुकाबले कठिन करार दिया।

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वहीं क्वालीफाइंग पेपर सिविल सर्विस एप्टीट्यूड टेस्ट (सीसैट) के पेपर ने अभ्यर्थियों के पसीने छुड़ा दिए। पिछले दो साल से यह पेपर क्वालीफाइंग ही है, लेकिन अभ्यर्थियों ने बीते साल के मुकाबले इसका स्तर दोगुना तक बढ़ाने की बात कही गई।
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परीक्षा में पहला पेपर सामान्य अध्ययन का था। इसमें कुल 150 सवाल पूछे गए। यह पेपर 200 नंबर का था। प्रश्नपत्र में 20 सवाल राजनीतिशास्त्र, 20 सवाल इकोनॉमिक्स और बेसिक 20 सवाल इतिहास, 20 सवाल भूगोल और पर्यावरण विज्ञान पर आधारित 20 सवाल पूछे गए। जबकि 20 सवाल करंट अफेयर्स से थे।
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सवाल केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे- स्वेदश दर्शन योजना की शुरुआत, किस राज्य ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को अपने पोर्टल पर प्रदर्शित किया है, संघ सरकार के बजट, जापानी इंफेलाइटिस शोध केंद्र की स्थापना कहां हुई, बाल विकास सेवा योजना, योजना और स्टार्टअप्स, ऊर्जा गंगा परियोजना पर आधारित सवाल तो थे ही। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं के शुरू होने के हिसाब से क्रम में लगाने के भी दो सवाल शामिल थे।

सिर्फ जीएस के नंबर ही जोड़े जाएंगे

PCS pre examination in Lucknow.

पिछले दो साल से परीक्षा के पैटर्न में बदलाव कर दिया गया है। बदले हुए पैटर्न की वजह से मुख्य परीक्षा के लिए केवल पहले प्रश्नपत्र यानि जीएस के नंबर ही जोड़े जाने हैं। देश भर में विशेषकर हिंदी माध्यम के स्टूडेंट्स का विरोध झेलने के बाद इस बार अस्थायी व्यवस्था के तहत सीसैट पेपर के अंक मुख्य परीक्षा में नहीं जोड़े जाने हैं।

सीसैट के पेपर में परीक्षार्थियों को 33 प्रतिशत नंबर लाकर मुख्य परीक्षा के लिए केवल क्वालीफाई करना है। इस भाग में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, कम्युनिकेशन स्किल और रीजनिंग के सवाल पूछे गए। इसमें लगभग सभी सवालों का स्तर पहले से कठिन था, लेकिन कम्युनिकेशन स्किल के सवाल बेहद कठिन थे।

इलाहाबाद के परीक्षार्थी वैभव त्रिपाठी का कहना है कि पेपर में सीसैट के सवाल काफी कठिन थे। पहले भाग में करंट अफेयर्स के सवालों में केंद्रीय योजनाओं पर आधारित सवाल थे। योजनाओं के लागू होने की तिथि के हिसाब से क्रमबद्ध करने के सवाल काफी कठिन थे। बाकी सवाल राजनीतिशास्त्र, भूगोल, पर्यावरण अध्ययन आदि पर आधारित थे। दूसरा प्रश्नपत्र सीसैट का था। यह पेपर भी पिछले साल के मुकाबले काफी कठिन था।

लखनऊ के विशाल का कहना है कि पहले पेपर में करंट अफेयर्स के सवालों में पीसीएस का स्तर बनाए रखा गया। दूसरा पेपर भले ही  क्वालीफाइंग था, लेकिन इसका स्तर अचानक बहुत कठिन कर दिया गया। काफी अभ्यर्थियों को इसे क्वालीफाई करने में भी परेशानी हो सकती है। सीसैट का पेपर केवल क्वालीफाइंग होने की वजह से थोड़ी राहत है।

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