पीसीएस अधिकारी उदयराज व राजेंद्र उत्तराखंड के लिए कार्यमुक्त
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव-द्वितीय और उदयराज सिंह को उत्तराखंड के लिए कार्यमुक्त कर दिया है। ये दोनों अधिकारी सुप्रीमकोर्ट से प्राप्त स्थगन के आधार पर प्रदेश में कार्यरत थे। सुप्रीमकोर्ट ने पिछले दिनों इनकी याचिका खारिज कर दी थी।
नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय कार्मिक एवं पेंशन मंत्रालय (डीओपीटी) ने इन अधिकारियों को उत्तराखंड राज्य आवंटित किया था। दोनों ही अधिकारियों ने इसे सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश से डीओपीटी के आदेश का क्रियान्वयन स्थगित कर दिया था। उदयराज सिंह ने इसी स्थगन के आधार पर सुप्रीमकोर्ट से यूपी काडर में ही पीसीएस से आईएएस के पद पर पदोन्नति की अर्जी लगाई थी।
अधिकारी ने बताया कि पिछले दिनों सुप्रीमकोर्ट ने दोनों ही अधिकारियों की याचिका खारिज कर दी। इससे डीओपीटी का इन्हें उत्तराखंड आवंटित करने का निर्णय बहाल हो गया।
इसके बाद नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने अपर आवास आयुक्त के पद पर कार्यरत उदयराज और बहराइच में मुख्य राजस्व अधिकारी राजेंद्र को उत्तराखंड राज्य के लिए कार्यमुक्त कर दिया है। अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक मुकुल सिंघल ने दोनों अधिकारियों को कार्यमुक्त किए जाने की पुष्टि की है।
सात अन्य पीसीएस अफसरों के मुकदमों में पैरवी बढ़ाएगी सरकार
उत्तराखंड राज्य के लिए आवंटित सात अन्य पीसीएस अधिकारी भी हाईकोर्ट या सुप्रीमकोर्ट से प्राप्त स्थगन आदेश के आधार पर प्रदेश में कार्यरत हैं। इनमें देव कृष्ण तिवारी, उमेश नारायण पांडेय, कर्मेंद्र सिंह, चतुर्भुजी गुप्ता, सीताराम गुप्ता, राजेंद्र कुमार व कृष्णलाल का प्रकरण न्यायालयों में लंबित है। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग केएक अधिकारी ने बताया कि दो अफसरों की याचिका खारिज हो चुकी है। अब सरकार इसी आधार पर सात अन्य अफसरों की याचिका जल्द से जल्द निस्तारित कराने का प्रयास करेगी।