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पूर्वांचल में दिमागी बुखार के मरीज हुए कम, 35 फीसदी आई कमी

Mon, 02 Sep 2019 03:51 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 02 Sep 2019 03:51 PM IST
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Patients of brain fever decreased in Purvanchal
फाइल फोटो
पूर्वांचल में महामारी कही जाने वाली बीमारी दिमागी बुखार (जेई-एईएस) के मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो साल के कार्यकाल में ही दिमागी बुखार के मरीजों में 35 फीसदी और इससे होने वाली मौतों में 63 फीसदी की कमी आई है। 
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इससे पहले मरीजों और मौतों का आंकड़ा हजारों में होता था। सरकार का दावा है कि अगले दो साल में प्रदेश से जेई-एईएस का सफाया कर दिया जाएगा। प्रदेश के लगभग 38 जिले दिमागी बुखार से प्रभावित हैं। इनमें गोरखपुर मंडल के गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज और बस्ती मंडल के बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर सबसे अधिक प्रभावित हैं। 
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देवीपाटन मंडल के गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, लखनऊ मंडल के लखनऊ,रायबरेली, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव व लखीमपुर खीरी तथा अयोध्या मंडल के बाराबंकी को भी इस बार जेई-एईएस नियंत्रण वाले जिलों के रूप में शामिल किया गया है। 
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दस्तक अभियान और संचारी रोग नियंत्रण अभियान के जरिए नोडल स्वास्थ्य विभाग सहित 12 सरकारी विभागों, यूनीसेफ, डब्लूएचओ और पाथ संस्था की मदद से जेई-एईएस के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा रही है। संचारी रोगों से जुड़ी सूचनाएं देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 180091805145 भी जारी किया है।

11 जिलों में 96 नए इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर

दिमागी बुखार के इलाज के लिए गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, लखनऊ,रायबरेली, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, खीमपुर खीरी और बाराबंकी में 96 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर (ईटीसी) के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां दिमागी बुखार के मरीजों के लिए चार बेड आरक्षित किए जाएंगे।

एक नजर अभियान पर 
पूर्वांचल में 40 लाख बच्चों को टीकाकरण
3.5 लाख एएनएम, आशा, ग्राम प्रधान, शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, बीएसएस, एबीएसए, सीएमओ, एसीएमओ, एंबुलेंस स्टाफ को प्रशिक्षण
जिला अस्पतालो में 10 से 15 बेड का बाल चिकित्सा वार्ड बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में बेड 268 से 428 किए, वार्मर की संख्या भी बढ़ाई

ये हैं आंकड़े

एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम)
वर्ष    मरीज    मौत
2016    3911    641
2017    4724    655
2018    3077    248
2019 (27 अगस्त तक)    890    34
जेई (जापानी इंसेफेलाइटिस)
वर्ष    मरीज    मौत
2016    442    74
2017    692    93
2018    329    30
2019(27 अगस्त तक)    55    04
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