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Lucknow News: सात हजार रुपये में इलाज का दिया झांसा, अस्पताल में मरीज को बना लिया बंधक
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लखनऊ। ट्रॉमा सेंटर के बाहर दलालों का खेल बंद नहीं हो रहा है। मंगलवार को इसका नया मामला सामने आया है। बलरामपुर के खैरा निवासी सुनील पाल ने सीएमओ ऑफिस पहुंचकर इसकी लिखित शिकायत की है। साथ ही विभूतिखंड स्थित धनवंतरि अस्पताल पर इलाज के नाम पर ठगी करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने बताया कि उनके पिता राम भिलाव की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था। वहां बेड नहीं मिला तो उनके पास एक दलाल ने फोन किया और सात हजार रुपये में इलाज का झांसा दिया। उसके झांसे में आकर वह पिता को धनवंतरि अस्पताल ले गए। अस्पताल में कुछ ही घंटों में 36 हजार रुपये वसूल लिए गए।
जब सुनील ने मरीज को डिस्चार्ज करने की बात कही, तो डॉक्टर और स्टाफ भड़क गए और अभद्रता करने लगे। आरोप है कि मरीज को करीब 12 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया और तीमारदार की जेब की तलाशी भी ली गई। पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मरीज और तीमारदार को अस्पताल से छुड़वाया।
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वहीं, धनवंतरि अस्पताल के संचालक अतुल प्रजापति ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि मरीज को बंधक नहीं बनाया गया था और तीमारदार अपनी मर्जी से मरीज को ले गए थे, क्योंकि उन्हें इलाज ठीक नहीं लगा। इधर, सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया है।
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उन्होंने बताया कि उनके पिता राम भिलाव की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था। वहां बेड नहीं मिला तो उनके पास एक दलाल ने फोन किया और सात हजार रुपये में इलाज का झांसा दिया। उसके झांसे में आकर वह पिता को धनवंतरि अस्पताल ले गए। अस्पताल में कुछ ही घंटों में 36 हजार रुपये वसूल लिए गए।
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जब सुनील ने मरीज को डिस्चार्ज करने की बात कही, तो डॉक्टर और स्टाफ भड़क गए और अभद्रता करने लगे। आरोप है कि मरीज को करीब 12 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया और तीमारदार की जेब की तलाशी भी ली गई। पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मरीज और तीमारदार को अस्पताल से छुड़वाया।
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वहीं, धनवंतरि अस्पताल के संचालक अतुल प्रजापति ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि मरीज को बंधक नहीं बनाया गया था और तीमारदार अपनी मर्जी से मरीज को ले गए थे, क्योंकि उन्हें इलाज ठीक नहीं लगा। इधर, सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया है।