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Lucknow News: निजी अस्पताल में मरीज की मौत, किडनी निकालने का आरोप

Sun, 07 Jun 2026 02:05 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jun 2026 02:05 AM IST
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Patient dies in private hospital, kidney removal alleged
प्रतीकात्मक।
लखनऊ। दुबग्गा स्थित निजी अस्पताल में इलाज के बाद घर ले जाते समय मरीज की मौत हो गई। मृतक की पत्नी ने इलाज में लापरवाही बरतने और किडनी निकालने का गंभीर आरोप लगाते हुए सीएमओ से लिखित शिकायत की है। सीएमओ का कहना है कि जांच कराई जाएगी। यदि आरोप सही मिले तो अस्पताल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की संस्तुति की जाएगी।
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सीतापुर के भिठमनी गांव निवासी शालिनी ने सीएमओ को दी शिकायत में बताया कि उनकी शादी नौ मार्च को हुई थी। अप्रैल में उनके पति ललित राजपूत को सिरदर्द और बोलने में समस्या हुई। सीतापुर के ही एक अस्पताल में उनका इलाज कराया गया, जिसके बाद हालत में सुधार हुआ था, लेकिन सात मई को तबीयत फिर बिगड़ गई। अस्पताल ले जाते समय गांव के ही एक वाहन चालक ने उन्हें दुबग्गा के हरदोई रोड स्थित नोवो अस्पताल में भर्ती करा दिया।
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शालिनी का आरोप है कि अस्पताल ने मरीज को तत्काल आईसीयू में भर्ती कर ऑपरेशन की अनिवार्यता बताई और करीब डेढ़ लाख रुपये जमा करा लिए। उनका कहना है कि पूरे इलाज के दौरान उन्हें पति से मिलने नहीं दिया गया। 19 मई को अस्पताल प्रशासन ने मरीज की हालत गंभीर बताते हुए उन्हें डिस्चार्ज कर दिया। परिजन जब ललित को घर ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उनकी मौत हो गई। शव देखने पर पेट के दोनों हिस्सों, सिर और सीने पर ऑपरेशन के निशान दिखे।
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शालिनी ने सवाल उठाया कि जब केवल सिरदर्द और बोलने में तकलीफ थी, तो पेट का ऑपरेशन क्यों किया गया? उन्होंने आशंका जताई है कि किडनी निकालने के कारण ही पति की जान गई है। पीड़िता ने अस्पताल संचालक समेत अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को नकारा

नोवो अस्पताल के संचालक डॉ. समीर का कहना है कि मरीज को ब्रेन टीबी थी। उन्होंने दावा किया कि मरीज का ऑपरेशन परिजनों की सहमति के बाद ही किया गया था। इलाज के बाद हालत में सुधार होने पर ही 19 मई को मरीज को अस्पताल से छुट्टी दी गई थी। डॉ. समीर के मुताबिक, मरीज की मौत घर पर हुई है, जिससे अस्पताल प्रशासन का कोई लेना-देना नहीं है। अस्पताल में इलाज के दौरान सभी चिकित्सकीय मानकों का पालन किया गया था।

Iमामले की जांच कराई जाएगी। किडनी निकालने का आरोप गंभीर है। अस्पताल के पैनल में शामिल डॉक्टर और उनकी विधा का रिकाॅर्ड निकलवाया जाएगा, जिससे साफ होगा कि अस्पताल उस विधा में इलाज करने के लिए पंजीकृत है या नहीं। I
I- डॉ. एनबी सिंह, सीएमओI
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