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Lucknow News: अगले छह महीने में 40 फीसदी तक सस्ती होंगी पैथोलॉजी जांचें

Thu, 29 Jan 2026 02:33 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jan 2026 02:33 AM IST
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Pathology tests to become 40% cheaper in the next six months
केजीएमयू।
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में इन्वेस्टीगेशन रिवॉल्विंग फंड (आईआरएफ) के माध्यम से विभिन्न जांच की शुरुआत अगले छह महीने में हो जाएगी। इससे मरीजों को दवाओं की तरह सस्ती जांच की सुविधा भी मिलने लगेगी। उम्मीद है कि नई व्यवस्था से विभिन्न जांच की कीमत करीब 40 फीसदी तक कम हो जाएगी।
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केजीएमयू की ओपीडी में इस समय रोजाना करीब सात से आठ हजार और ट्रॉमा सेंटर में करीब चार सौ मरीज आते हैं। इनके साथ ही करीब साढ़े चार हजार मरीज यहां भर्ती रहते हैं। इन सबकी मिलाकर करीब आठ से दस हजार प्रकार की पैथोलॉजी जांच रोज होती हैं। पैथोलॉजी की जांच में रीजेंट का रोल सबसे अहम होता है। रीजेंट की कीमत ही जांच की दर प्रभावित करती है। इसे देखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने भी दवाओं की तरह फंड बनाकर रीजेंट भी सीधे कंपनी से खरीदने की योजना बनाई है।
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संस्थान में इस समय हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (एचआरएफ) की व्यवस्था चल रही है। इसमें मरीजों को 40 से 70 फीसदी तक कम कीमत पर दवाएं मिलती हैं। इसी तर्ज पर आईआरएफ की व्यवस्था शुरू करने की योजना बनाई गई है। केंद्रीकृत स्तर पर खरीद होने की वजह से रीजेंट काफी सस्ता मिलेगा और जांच का खर्च कम आएगा। इसके बाद मरीजों से लिए जाने वाले शुल्क में भी कमी आएगी।
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आरएलसी भवन में बनेगा आईआरएफ का सेंटर



केजीएमयू के आरएलसी भवन में अभी तक हड्डी रोग विभाग का संचालन होता था। अब इसे सुपरस्पेशियलिटी सेंटर के नए भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। केजीएमयू प्रशासन ने इसका इस्तेमाल आईआरएफ सेंटर के रूप में करने की बात कही है। स्थान न होने से इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई थी। अब स्थान चिह्नित कर बाकी प्रक्रिया शुरू हो गई है।












Iमरीजों को सस्ती जांच का लाभ देने के लिए आईआरएफ की व्यवस्था शुरू की जा रही है। स्थान चिह्नित करने के बाद बाकी की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि अगले छह महीने में मरीजों को सस्ती जांच का लाभ मिलने लगेगा।
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I- प्रो. सोनिया नित्यानंद, कुलपति, केजीएमयूI
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