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Lucknow News: सीएमओ ऑफिस में करीब 300 से अधिक मृत्यु प्रमाणपत्र लंबित
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प्रतीकात्मक।
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लखनऊ। नगर निगम और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के बीच में करीब 300 से अधिक मृत्यु प्रमाणपत्र लंबित पड़े हैं। परिजन सीएमओ ऑफिस के चक्कर लगा रहे हैं, मगर उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। शुक्रवार को आवेदक शिकायत लेकर सीएमओ से मिलने गए। आरोप है कि सीएमओ ने मिलने से मना कर दिया, जिसके बाद दूसरे कर्मचारियों ने उनकी मदद की।
ठाकुरगंज निवासी पूजा गौतम (30) की किडनी की बीमारी के चलते नौ दिसंबर 2025 को घर पर मृत्यु हो गई थी। उनकी मां पारा के कांशीराम कॉलोनी निवासी नीता देवी ने आठ दिन बाद ही नगर निगम में मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर दिया था। आरोप है कि उन्हें छह महीने से नगर निगम व सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगवाए जा रहे हैं।
नए नियम के अनुसार, जन्म या मृत्यु के 21 दिन बाद आवेदन की स्थिति में सीएमओ कार्यालय से अनुमोदन लेना अनिवार्य होता है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने समय रहते आवेदन किया था, लेकिन नगर निगम ने आवेदन देर से अपलोड किया। इसी वजह से मामला 21 दिन की समयसीमा से बाहर चला गया। अब यह फाइल सीएमओ कार्यालय में अटक गई है।
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सूत्रों के अनुसार, सीएमओ कार्यालय में इस तरह के 300 से अधिक मामले पहले से लंबित हैं। यह स्थिति नगर निगम और सीएमओ कार्यालय के बीच समन्वय की कमी दर्शाती है। मृत्यु प्रमाणपत्र न मिलने से पूजा गौतम के परिवार को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उनके बैंक खाते में जमा करीब 30 हजार रुपये नहीं निकाले जा पा रहे हैं। प्रमाणपत्र के अभाव में परिवार को अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी दिक्कतें आ सकती हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि लंबित मृत्यु प्रमाण पत्रों का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।
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ठाकुरगंज निवासी पूजा गौतम (30) की किडनी की बीमारी के चलते नौ दिसंबर 2025 को घर पर मृत्यु हो गई थी। उनकी मां पारा के कांशीराम कॉलोनी निवासी नीता देवी ने आठ दिन बाद ही नगर निगम में मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर दिया था। आरोप है कि उन्हें छह महीने से नगर निगम व सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगवाए जा रहे हैं।
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नए नियम के अनुसार, जन्म या मृत्यु के 21 दिन बाद आवेदन की स्थिति में सीएमओ कार्यालय से अनुमोदन लेना अनिवार्य होता है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने समय रहते आवेदन किया था, लेकिन नगर निगम ने आवेदन देर से अपलोड किया। इसी वजह से मामला 21 दिन की समयसीमा से बाहर चला गया। अब यह फाइल सीएमओ कार्यालय में अटक गई है।
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सूत्रों के अनुसार, सीएमओ कार्यालय में इस तरह के 300 से अधिक मामले पहले से लंबित हैं। यह स्थिति नगर निगम और सीएमओ कार्यालय के बीच समन्वय की कमी दर्शाती है। मृत्यु प्रमाणपत्र न मिलने से पूजा गौतम के परिवार को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उनके बैंक खाते में जमा करीब 30 हजार रुपये नहीं निकाले जा पा रहे हैं। प्रमाणपत्र के अभाव में परिवार को अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी दिक्कतें आ सकती हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि लंबित मृत्यु प्रमाण पत्रों का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।