राम मंदिर पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के साथ हमारा काम पूरा : प्रवीण तोगड़िया
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विश्व हिंदू परिषद से अलग होकर ‘अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद’ (अहिप या एएचपी) बनाकर मंदिर मुद्दे पर अभियान चला रहे डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के साथ उनका काम पूरा हो गया है। जल्द ही वे अयोध्या जाकर ‘रामलला’ के दर्शन करेंगे और संघर्ष में सफलता प्रदान करने के लिए आभार जताएंगे।
‘अमर उजाला’ से फोन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे हिंदू समाज के जनजागरण के लिए काम करते रहेंगे। जरूरत पड़ी तो कार्यकर्ता सेवादार के रूप में भी काम करेंगे।
तोगड़िया ने कहा कि वे 27 वर्ष की उम्र में इस आंदोलन से जुड़े थे। आज जब प्रभु राम का मंदिर बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया तो उनके जीवन का एक उद्देश्य पूरा हो गया। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन हिंदुत्व की चेतना के जागरण का हिस्सा रहा।
सर्वोच्च न्यायालय से मंदिर के पक्ष में निर्णय आने के साथ इस अभियान का एक चरण पूरा हुआ। लेकिन अभी हिंदुत्व की चेतना को लेकर कई काम बाकी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने निर्माण की भूमिका केंद्र सरकार को सौंपी है। इसलिए भविष्य की रूपरेखा उसे ही बनानी है। इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है। हालांकि हिंदू होने के नाते समाज से उनके लिए कोई भूमिका तय होती है या उन्हें ऐसा लगता है कि उन्हें अमुक काम करना चाहिए तो वे उसे करेंगे।
1 दिसंबर को दिल्ली में बैठक
अहिप के संयुक्त प्रांत संगठन मंत्री वेद प्रकाश सचान ने बताया कि 1 दिसंबर को दिल्ली में संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक होगी। इसमें आगे की रणनीति तय होगी। सचान ने कहा कि अगर मंदिर निर्माण जन सहभागिता से होता है तो अहिप कार्यकर्ता उसमें सक्रियता से जुटेंगे और मंदिर निर्माण करने वाली संस्था का सहयोग करेंगे।