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विरोध की राजनीति छोड़ समाजसेवा पर ध्यान दें विपक्षी दल : राजेश्वर सिंह

Mon, 17 Aug 2026 02:35 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2026 02:35 AM IST
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Opposition parties should move beyond the politics of protest and focus on social service: Rajeshwar Singh
राजेश्वर सिंह।
लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस और विपक्षी दलों को समाजसेवा पर ध्यान देने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध तक सीमित रहने के बजाय दलों को जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए।
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डॉ. सिंह ने कि आरएसएस की लगभग 89,000 दैनिक शाखाएं 55,000 से अधिक स्थानों तक पहुंच चुकी हैं। पिछले दो-तीन वर्षों में 4,000 से अधिक नए स्थानों पर शाखाएं और 5,000 से अधिक नई शाखाएं जुड़ी हैं। संघ का सामाजिक कार्य केवल शाखाओं तक सीमित नहीं है। विद्या भारती के 12,000 से अधिक विद्यालयों में करीब 30 लाख विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। एक लाख से अधिक एकल विद्यालय उन क्षेत्रों में शिक्षा पहुंचा रहे हैं जहां सरकारी विद्यालय उपलब्ध नहीं हैं। राष्ट्रीय सेवा भारती के 5,000 से अधिक स्वास्थ्य केंद्र सेवा कार्य कर रहे हैं। वनवासी कल्याण आश्रम सात दशकों से जनजातीय क्षेत्रों में कार्यरत है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के करीब 75 लाख सदस्य हैं।
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डॉ. राजेश्वर ने कहा कि नकारात्मक राजनीति कोई रणनीति नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि केवल विरोध के आधार पर राजनीति को लंबे समय तक मजबूत नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि समाज के बीच जाकर काम करना, संस्थाएं बनाना और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना ही स्थायी जनविश्वास की नींव है।
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डॉ. सिंह ने कांग्रेस की स्वयंसेवी परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 1923 में काकीनाडा में हिंदुस्तानी सेवा दल की पहल हुई थी, जिसे 1931 में महात्मा गांधी ने मान्यता दी थी। उन्होंने कांग्रेस को अपनी इस सेवा-दल परंपरा को पुनर्जीवित करने की सलाह दी। इसे केवल चुनावी गतिविधियों तक सीमित नहीं रखना चाहिए।

उन्होंने कांशीराम के बामसेफ जैसे संगठनों के निर्माण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मजबूत कार्यकर्ता और सामाजिक संगठन किसी भी राजनीतिक आंदोलन की दीर्घकालीन ताकत बन सकते हैं।
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