यूपी: ब्लैक फंगस की पहचान के लिए जिला अस्पतालों में चलेंगी ओपीडी
ब्लैक फंगस की पहचान व इलाज के लिए प्रदेश में कोशिशें शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए जिला अस्पतालों में ओपीडी चलवाने की योजना बनाई गई है।
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उत्तर प्रदेश में ब्लैक फंगस के बढ़ते मरीज परेशानी का कारण बन रहे हैं। इसलिए इन मरीजों की पहचान के लिए सभी जिला अस्पतालों में सुबह 10 से 12 बजे तक नेत्र रोग व नाक, कान व गला रोग की ओपीडी चलेंगी। जिससे समय पर ब्लैक फंगस की पहचान कर मरीजों का इलाज शुरू कराया जा सके। ओपीडी में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मरीज देखे जाएंगे। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने इसके निर्देश जारी कर दिए हैं।
इसके अतिरिक्त सभी जिला अस्पतालों में कोविड केयर सेंटर को पोस्ट कोविड केयर सेंटर के रूप में चलाने, कोविड चिकित्सालयों में स्टेप डाउन वार्ड संचालित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिससे कोविड से निगेटिव होने के बाद बीमार मरीजों को जरूरत पड़ने पर भर्ती करते हुए पूरे इलाज के बाद ही उन्हें डिस्चार्ज किया जाए।
पीएचसी पर ओपीडी सेवाएं जारी रखने के निर्देश
अपर मुख्य सचिव के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) की ओपीडी को बंद करने के निर्देश नहीं दिए गए हैं। इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड प्रोटोकॉल के साथ वहां ओपीडी चलाई जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें और कोरोना संक्रमण की भी रोकथाम की जा सके।
इसके अलावा ऐसे कार्य जो स्वास्थ्य सूचना अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी या फिर अन्य विभागों के अधिकारी कर सकते हैं, वहां डॉक्टरों की ड्यूटी न लगाने के लिए कहा गया है।
डॉक्टरों को पीएचसी व सीएचसी को क्रियाशील रखने के लिए तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी पीएचसी-सीएचसी पर एंटीजन टेस्टिंग की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।