ट्रेन में तत्काल टिकट के नियमों में हुए बदलाव
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तत्काल टिकटों की कालाबाजारी रोकने के मकसद से इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) ने कई इंतजाम किए हैं। इसके तहत अब एक आईडी से दिनभर में सिर्फ दो टिकट ही लिए जा सकेंगे।
इसके अलावा एक कंप्यूटर यानी एक आईपी एड्रेस से भी दिनभर में दो टिकट ही मिलेंगे। आईआरसीटीसी का दावा है कि इस व्यवस्था से अनधिकृत रूप से तत्काल टिकटों के धंधे पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
प्रत्येक दिन सुबह 10 से 11 बजे तक स्लीपर और सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच एसी श्रेणी के लिए तत्काल टिकटों की बुकिंग कराई जाती है। यह सुविधा आम लोगों के लिए है।
आईआरसीटीसी के अधिकृत एजेंट इस दौरान लॉग इन नहीं कर सकते हैं, मगर ये एजेंट फर्जी आईडी बनाकर ज्यादातर तत्काल टिकटें हड़प लेते हैं। सारा कोटा दो-चार मिनट में ही साफ हो जाता है। तत्काल टिकट बेचने में इन्हें मनमाने दाम मिलते हैं।
अब एक समय पर ज्यादा लोग बुक करवा सकेंगे टिकट
अब इस कालाबाजारी को रोकने के लिए आईआरसीटीसी ने एक आईडी पर दिनभर में मात्र दो तत्काल टिकटों का कोटा फिक्स कर दिया है।
गौरतलब है कि जिस तरह प्रत्येक मोबाइल का एक आईएमईआई नंबर होता है, उसी तरह हर कंप्यूटर का एक विशेष आईपी एड्रेस होता है। नई व्यवस्था के बाद कोई व्यक्ति चाहकर भी एक कंप्यूटर से दिनभर में तत्काल कोटे के तहत तीसरा टिकट नहीं करा सकेगा।
इसके लिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर खास प्रोग्राम बनाया गया है। वहीं महीने में एक आईडी से अधिकतम दस तत्काल टिकटों की ही बुकिंग हो सकेगी।
आईआरसीटीसी का दावा है कि नए सर्वर के इस्तेमाल से मौजूदा 7200 टिकट प्रति मिनट की क्षमता बढ़कर प्रति मिनट 15000 टिकट की हो जाएगी। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग एक समय में टिकट बुक करा सकेंगे।
एक मोबाइल नंबर पर एक आईडी
नए नियमों के तहत अब एक मोबाइल नंबर से आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर एक ही आईडी बनाई जा सकेगी। आईडी बनाते वक्त वेबसाइट पर मोबाइल नंबर भरने के तुरंत बाद वन टाइम पासवर्ड जारी किया जाएगा।
इसे भरने के बाद ही आईडी जेनरेट की जा सकेगी। एक बार लॉग इन करने के बाद आने-जाने का सिर्फ एक-एक टिकट ही बनवाया जा सकेगा। इसके बाद लॉग इन एक्सपायर हो जाएगा।
वेबसाइट को विशेष सॉफ्टवेयर से हैक करके धड़ाधड़ टिकट जारी करने का खेल भी अब लगभग नामुमकिन हो जाएगा। आईआरसीटीसी ने हैकिंग रोकने के लिए विशेष सिक्योरिटी सिस्टम को वेबसाइट पर अपलोड किया है। इसके अलावा कैलिफोर्निया से हाईएंड सर्वर मंगाकर इसका इस्तेमाल शुरुआत किया गया है।