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अब प्रॉपर्टी खरीदने में नहीं लेना पड़ेगा ब्रोकर का सहारा

Wed, 04 Feb 2015 12:36 PM IST
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 04 Feb 2015 12:36 PM IST
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Online system started for property registry.

संपत्तियों की रजिस्ट्री कराना चाहते हैं तो आपको दलालों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। अब आप स्वयं पता लगा सकेंगे कि जो संपत्ति ले रहे हैं उस पर कितना स्टांप शुल्क लगेगा और इसके रजिस्ट्री पर कितनी फीस देनी होगी।

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स्टांप एवं निबंधन विभाग इसके लिए ऑनलाइन व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के सभी 354 निबंधन कार्यालयों में जनसुविधा केंद्र विकसित करते हुए सभी दस्तावेजों का कंप्यूटरीकरण किया जाएगा। यह काम पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत किया जाएगा।
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स्टांप विभाग इस योजना का प्रस्तुतीकरण जल्द ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समक्ष करने की तैयारी में है। इसके बाद इसे अमली जामा पहनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।

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रजिस्ट्री के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

Online system started for property registry.

प्रदेश में मौजूदा समय लोगों को संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने के लिए निबंधन कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। संपत्ति पर स्टांप शुल्क कितना लगेगा, इसकी फीस कितने लगेगी, रजिस्ट्री पर मजमून क्या होगा, इसके लिए संपत्ति लेने या बेचने वाले को निबंधन कार्यालय के कर्मचारियों का सहारा लेना पड़ता है।

जिसका फायदा अक्सर दलाल उठाते हैं। इसके चलते संपत्ति लेने व बेचने वाले को घूस भी देनी पड़ती है। स्टांप एवं कर निबंधन विभाग चाहता है कि सारी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी जाए, जिससे लोगों को दलालों के चंगुल से मुक्ति मिल जाए। संपत्ति खरीदने व बेचने वाले को बस केवल निबंधन कार्यालय की वेबसाइट पर जाना होगा। इस पर उसे पूरी जानकारी मिल जाएगी।

रजिस्ट्री कराने के लिए ऑनलाइन स्टांप शुल्क लेने की व्यवस्था होगी। क्रेडिट व डेबिट कार्ड से कोई भी ऑनलाइन स्टांप का पैसा जमा करते हुए उसे प्राप्त कर सकेगा। बस उसे वेबसाइट पर जाकर यह भरना होगा कि वह किस क्षेत्र में रहता है और उसकी संपत्ति का क्षेत्रफल क्या है तथा वह नई है या पुरानी।

ऑनलाइन कर सकेंगे डीड

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इसके बाद वेबसाइट पर पूरा ब्यौरा आ जाएगा। मसलन कितने का स्टांप लगेगा और संपत्ति की रजिस्ट्री की कितनी फीस लगेगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऑनलाइन डीड करने की व्यवस्था भी लागू हो जाएगी। ऑनलाइन स्टांप का पैसा और फीस जमा करते हुए डीड किया जा सकेगा।

ऑनलाइन डीड के लिए जैसे ही पूरा ब्यौरा भरा जाएगा एक पंजीकरण नंबर संबंधित व्यक्ति को मिल जाएगा। इसकी प्रिंट कापी निबंधन कार्यालय में दिखाने के बाद वहां से उसे मुहर लगी डीड की प्रति मिल जाएगी।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद धोखाधड़ी पर भी काफी हद तक रोक लगेगी। संपत्तियों की धोखे से रजिस्ट्री कराने या फिर धोखाधड़ी कर कागज बनवाने पर भी रोक लगेगी। संपत्ति खरीदने और बेचने वाले जैसे ही निबंधन कार्यालय में पूर्व की रजिस्ट्री दिखाएंगे उस पर दिया गया, पंजीकरण नंबर कंप्यूटर पर डालते ही उसका पूरा ब्यौरा दिखाई पड़ जाएगा। संपत्ति लेने वाला खुद भी वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन इसे चेक कर सकेगा।

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