{"_id":"bb968244903976287565033183327f58","slug":"online-biling-system-failed","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्यांचल विद्युत वितरण निगम का सिस्टम फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम का सिस्टम फेल
नरेश शर्मा/लखनऊ
Updated Fri, 11 Oct 2013 02:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की ऑनलाइन बिलिंग व्यवस्था गुरुवार को भी ध्वस्त रही। इससे लोगों को बिल जमा करने की ऑफलाइन और ऑनलाइन सुविधा हासिल नहीं हो सकी। गुरुवार को भी हजारों लोग बिजली जमा नहीं कर पाए।
विज्ञापन
इससे नाराज लोगों ने कई केंद्रों पर हंगामा कर नाराजगी जाहिर की। कुछ केंद्रों पर तो इलाकाई इंजीनियरों से कहासुनी भी हुई,लेकिन सुस्त नेटवर्क के सामने एजेंसी एचसीएल एवं विभागीय इंजीनियर लाचार दिखे।
विज्ञापन
बुधवार सुबह से सर्वर के नेटवर्क (कनेक्टिविटी) के उतार-चढ़ाव का सिलसिला जो शुरू हुआ वह गुरुवार शाम तक सही नहीं हो सका। इसके कारण कुल 53 केंद्रों पर गुरुवार को भी लोग बिजली बिल जमा नहीं कर पाए।
विज्ञापन
उपकेंद्र कर्मियों के अनुसार महानगर केंद्र पप जब तमाम लोगों के बिल घंटों इंतजार करने के बाद जमा नहीं हुए वह ऑपरेटर पर गुस्सा उतारने लगे। इन लोगों ने काउंटर पर खूब हंगामा किया और फिर लौट गए।
जिन लोगों ने हंगामा किया वह तीन दिन से बिल जमा करने के लिए दौड़ लगा रहे थे। इसी प्रकार निरालानगर, रेजीडेंसी, अहिबरनपुर आदि बिलिंग केंद्र पर भी लोगों ने नाराजगी जताई।
लोगों ने बताया कि विभाग ने ऑनलाइन के चक्कर में मैनुअल बिल जमा करने की व्यवस्था को ही खत्म कर दिया है।
इसके कारण लोगों को दुकान एवं दफ्तर को छोड़कर बिल जमा करने आना पड़ रहा है। अमीनाबाद, यूपीआईएल, चौपटिया, हुसैनगंज, आलमबाग, क्लाईड रोड बिलिंग केंद्र सबसे अधिक प्रभावित हुए।
वेबसाइट की विंडो तक नहीं खुली
घर बैठे ऑनलाइन बिजली बिल चुकाने वाले उपभोक्ता दो दिन से परेशान हैं। यह उपभोक्ता बिल जमा करने की कोशिश कर हार गए लेकिन वेबसाइट की विंडो तक नहीं खुली।
उपभोक्ताओं ने बताया कि यदि विंडो खुल भी गई तो बिल विवरण ही देखने को नहीं मिला। उपभोक्ताओं ने कॉल सेंटर पर शिकायत भी दर्ज कराई पर उनकी समस्या का निराकरण नहीं हुआ।