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हज पर अब एक साथ जा सकेंगे पांच लोग, आज से करें ऑनलाइन आवेदन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 18 Oct 2018 01:05 PM IST
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हज
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हज पर अब एक साथ पांच लोग जा सकेंगे। नए हज एक्शन प्लान में पांच लोगों के ग्रुप पर एक कवर नंबर जारी करने की व्यवस्था बहाल हो गई है। पहले इस पर रोक थी। बुधवार को मुंबई में हज 2019 के उद्घाटन पर इसकी आधिकारिक घोषणा की गई।
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हाजियों को ठहराए जाने वाले ग्रीन कैटेगरी का नाम भी बदला गया है। यह कैटेगरी अब नो ट्रांसपोर्ट एंड नो कुकिंग जोन (एनटीसीजेड) कहलाएगी। मुंबई में हज कमेटी ऑफ इंडिया के कार्यक्रम में बुधवार को केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण एवं हज मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने हज एक्शन प्लान 2019 जारी किया।
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इसमें कई बदलाव किए गए हैं। ऑनलाइन आवेदन को बढ़ावा देने के लिए कमेटी ने आवेदन फॉर्म की बुकलेट जारी नहीं की है। हालांकि ऑफलाइन फॉर्म भरने की सुविधा जारी रखी है। ऑफलाइन आवेदन के लिए हज कमेटी की वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड कर उसका प्रिंट निकालना होगा। मोबाइल एप पर भी फॉर्म भरने की सुविधा रहेगी।
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बता दें कि एक कवर नंबर पर पांच लोग हज पर जाते रहे हैं। उनके साथ एक- दो बच्चे शामिल रहते थे। केंद्रीय हज कमेटी ने 2017 में इस पर रोक लगाते हुए चार लोगों के ग्रुप पर एक कवर नंबर जारी करने का निर्णय किया था। हालांकि इसमें एक या दो बच्चे शामिल रहने की व्यवस्था थी। पांचवां सदस्य होने पर उन्हें दूसरे कवर नंबर में शामिल किया गया था। हज एक्शन प्लान 2019 में पुरानी व्यवस्था बहाल की गई है।
मक्का में रहने की ग्रीन कैटेगरी खत्म
hajj
हज यात्रियों की मक्का में रहने वाली आवासीय कैटेगरी ग्रीन को खत्म कर दिया गया है। इसके स्थान पर केंद्रीय हज कमेटी ने एनसीटीजेड श्रेणी बनाई है। कमेटी के सदस्य सैयद मकसूद अशरफ ने बताया कि ग्रीन कैटेगरी का नाम बदल गया है। इसमें आवेदन करने वालों को अब कैटेगरी कॉलम में नो ट्रांसपोर्ट एंड नो कुकिंग जोन दर्शाना होगा।
दरअसल, ग्रीन कैटेगरी वालों को मस्जिदे हरम से 1500 मीटर के दायरे में ठहराया जाता है। भारत से जाने वाले बुजुर्ग व चलने फिरने में अक्षम लोग ग्रीन कैटेगरी के होटलों व भवनों को ही वरीयता देते हैं। साथ ही मदीना में भी दो कैटेगिरी बना दी गई है। एक कैटेगिरी मरकजिया है और दूसरी आउट साइड मरकजिया है।
हज जाने के इच्छुक आवेदक गुरुवार 18 अक्तूबर से हज कमेटी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ऑफलाइन आवेदन 22 अक्तूबर से जमा होंगे। आवेदन फॉर्म 17 नवंबर तक 10 साल की वैधता वाले पासपोर्ट के साथ जमा होंगे। 17 नवंबर 2018 तक बने पासपोर्ट हज जाने के लिए स्वीकार होंगे लेकिन उनकी वैधता 31 जनवरी 2020 तक होनी जरूरी है।
दरअसल, ग्रीन कैटेगरी वालों को मस्जिदे हरम से 1500 मीटर के दायरे में ठहराया जाता है। भारत से जाने वाले बुजुर्ग व चलने फिरने में अक्षम लोग ग्रीन कैटेगरी के होटलों व भवनों को ही वरीयता देते हैं। साथ ही मदीना में भी दो कैटेगिरी बना दी गई है। एक कैटेगिरी मरकजिया है और दूसरी आउट साइड मरकजिया है।
हज जाने के इच्छुक आवेदक गुरुवार 18 अक्तूबर से हज कमेटी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ऑफलाइन आवेदन 22 अक्तूबर से जमा होंगे। आवेदन फॉर्म 17 नवंबर तक 10 साल की वैधता वाले पासपोर्ट के साथ जमा होंगे। 17 नवंबर 2018 तक बने पासपोर्ट हज जाने के लिए स्वीकार होंगे लेकिन उनकी वैधता 31 जनवरी 2020 तक होनी जरूरी है।