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लविवि : सहयुक्त कॉलेजों में बढ़ेंगी 1000 सीटें
Sat, 02 Mar 2019 01:17 AM IST
सौरभ दिक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: सौरभ दिक्षित
Updated Sat, 02 Mar 2019 01:17 AM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
नए सत्र 2019-20 में लखनऊ विश्वविद्यालय से सहयुक्त कॉलेजों की संख्या छह बढ़ जाएगी। इन नए व पूर्व के कॉलेजों में कुछ नए कोर्सों को हरी झंडी के बाद यूजी-पीजी कोर्सों में लगभग 1000 सीटें बढ़ेंगी। वहीं, सहयुक्त कॉलेजों की संख्या 176 हो जाएगी।
विश्वविद्यालय ने नए सत्र में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने से पहले नए कॉलेज व कोर्सों की एनओसी को आवेदन लिए थे। जानकारी अनुसार आधा दर्जन नए कॉलेजों ने एनओसी मांगी है, जहां यूजी के कोर्स शुरू किए जाएंगे।
वहीं, पहले से संबद्ध चार कॉलेजों ने नए सत्र में यूजी के साथ पीजी के भी कोर्स शुरू करने के आवेदन किए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले चरण की औपचारिकता लगभग पूरी कर ली है। स्थलीय निरीक्षण कर इन्हें हरी झंडी दे दी जाएगी।
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छह नए कॉलेजों में बीए, बीएससी, बीकॉम सहित कुछ अन्य कोर्सों की अनुमति मिलेगी। इनमें लगभग 750 सीटें बढ़ेंगी। वहीं, पीजी कोर्स के लिए आए आवेदन में लगभग 250 सीटों की संख्या होगी। रजिस्ट्रार एसके शुक्ला ने बताया कि जो भी प्रत्यावेदन आए हैं, उनका परीक्षण किया गया है।
एनओसी समिति की बैठक भी हो गई है। जल्द अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। स्थलीय निरीक्षण के बाद आदेश जारी होगा। जल्द ही संबद्धता रिन्यूवल की कवायद भी पूरी की जाएगी।
विवि-कॉलेजों में लगभग 51 हजार सीटें
लखनऊ विश्वविद्यालय व सहयुक्त 170 कॉलेजों में यूजी-पीजी की लगभग 51 हजार सीटें हैं। इनमें प्रवेश के लिए हर साल सवा लाख से अधिक इंटर व स्नातक पास विद्यार्थी किस्मत आजमाते हैं। कॉलेजों के साथ सीटों की संख्या भी बढ़ाने की जरूरत थी। ऐसे में विश्वविद्यालय कॉलेजों के प्रत्यावेदन पर सकारात्मक निर्णय लेगा।
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विश्वविद्यालय ने नए सत्र में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने से पहले नए कॉलेज व कोर्सों की एनओसी को आवेदन लिए थे। जानकारी अनुसार आधा दर्जन नए कॉलेजों ने एनओसी मांगी है, जहां यूजी के कोर्स शुरू किए जाएंगे।
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वहीं, पहले से संबद्ध चार कॉलेजों ने नए सत्र में यूजी के साथ पीजी के भी कोर्स शुरू करने के आवेदन किए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले चरण की औपचारिकता लगभग पूरी कर ली है। स्थलीय निरीक्षण कर इन्हें हरी झंडी दे दी जाएगी।
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छह नए कॉलेजों में बीए, बीएससी, बीकॉम सहित कुछ अन्य कोर्सों की अनुमति मिलेगी। इनमें लगभग 750 सीटें बढ़ेंगी। वहीं, पीजी कोर्स के लिए आए आवेदन में लगभग 250 सीटों की संख्या होगी। रजिस्ट्रार एसके शुक्ला ने बताया कि जो भी प्रत्यावेदन आए हैं, उनका परीक्षण किया गया है।
एनओसी समिति की बैठक भी हो गई है। जल्द अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। स्थलीय निरीक्षण के बाद आदेश जारी होगा। जल्द ही संबद्धता रिन्यूवल की कवायद भी पूरी की जाएगी।
विवि-कॉलेजों में लगभग 51 हजार सीटें
लखनऊ विश्वविद्यालय व सहयुक्त 170 कॉलेजों में यूजी-पीजी की लगभग 51 हजार सीटें हैं। इनमें प्रवेश के लिए हर साल सवा लाख से अधिक इंटर व स्नातक पास विद्यार्थी किस्मत आजमाते हैं। कॉलेजों के साथ सीटों की संख्या भी बढ़ाने की जरूरत थी। ऐसे में विश्वविद्यालय कॉलेजों के प्रत्यावेदन पर सकारात्मक निर्णय लेगा।