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Lucknow News: समीक्षा अधिकारी परीक्षा के पेपर लीक मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार
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समीक्षा अधिकारी परीक्षा के पेपर लीक मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ। समीक्षा अधिकारी परीक्षा पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने एक साल से भागे चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रस्तोगी नगर बालागंज निवासी कुमार अभिनंदन को ठाकुरगंज से पकड़ा गया। पेपर लीक के कारण 11 फरवरी 2024 को हुई यह परीक्षा निरस्त कर दी गई थी।
एसटीएफ एएसपी लाल प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की एफआईआर प्रयागराज के सिविल लाइन थाने में दर्ज है, जिसकी जांच इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडेय कर रहे हैं। मुखबिर की सूचना पर छानबीन के बाद अभिनंदन को दबोचा गया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि पिता के साथ मेडिकल स्टोर चलाता है और विभूतिखंड में अलाया डिस्ट्रीब्यूटर के नाम से फर्म है।
आरोपी ने बताया कि मेडिकल क्षेत्र में कार्यरत होने के कारण उसकी पहचान वृंदावन योजना निवासी डॉक्टर शरद कुमार सिंह से हुई थी। शरद ने उसे बताया कि वह कई ऐसे लोगों को जानता है जो परीक्षाओं के पेपर पहले से उपलब्ध करा सकते हैं। शरद ने परीक्षा पास कराने का झांसा देकर 15 लाख रुपये मांगे। सौदा तय होने पर अभिनंदन ने एक लाख रुपये एडवांस दिए और शेष रकम बाद में देने की बात कही। इसके बदले शरद ने गारंटी के तौर पर अंक पत्र, प्रमाणपत्र और एक ब्लैंक चेक रखवा लिया।
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शरद सिंह के कहने पर अभिनंदन नौ फरवरी को भोपाल पहुंचा, वहां होटल कमल पैलेस, आनंद नगर में उसकी मुलाकात सुभाष प्रकाश और विवेक उपाध्याय से हुई। होटल में मौजूद अन्य लड़कों के साथ उसे लीक प्रश्नपत्र और उत्तर उपलब्ध कराए गए। 11 फरवरी को परीक्षा दी, इसमें वही प्रश्न शामिल थे। परीक्षा के कुछ दिनों बाद सुभाष, विवेक और उनके अन्य साथियों की गिरफ्तारी हुई, तब से अभिनंदन भागा हुआ था।
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एसटीएफ एएसपी लाल प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की एफआईआर प्रयागराज के सिविल लाइन थाने में दर्ज है, जिसकी जांच इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडेय कर रहे हैं। मुखबिर की सूचना पर छानबीन के बाद अभिनंदन को दबोचा गया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि पिता के साथ मेडिकल स्टोर चलाता है और विभूतिखंड में अलाया डिस्ट्रीब्यूटर के नाम से फर्म है।
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आरोपी ने बताया कि मेडिकल क्षेत्र में कार्यरत होने के कारण उसकी पहचान वृंदावन योजना निवासी डॉक्टर शरद कुमार सिंह से हुई थी। शरद ने उसे बताया कि वह कई ऐसे लोगों को जानता है जो परीक्षाओं के पेपर पहले से उपलब्ध करा सकते हैं। शरद ने परीक्षा पास कराने का झांसा देकर 15 लाख रुपये मांगे। सौदा तय होने पर अभिनंदन ने एक लाख रुपये एडवांस दिए और शेष रकम बाद में देने की बात कही। इसके बदले शरद ने गारंटी के तौर पर अंक पत्र, प्रमाणपत्र और एक ब्लैंक चेक रखवा लिया।
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शरद सिंह के कहने पर अभिनंदन नौ फरवरी को भोपाल पहुंचा, वहां होटल कमल पैलेस, आनंद नगर में उसकी मुलाकात सुभाष प्रकाश और विवेक उपाध्याय से हुई। होटल में मौजूद अन्य लड़कों के साथ उसे लीक प्रश्नपत्र और उत्तर उपलब्ध कराए गए। 11 फरवरी को परीक्षा दी, इसमें वही प्रश्न शामिल थे। परीक्षा के कुछ दिनों बाद सुभाष, विवेक और उनके अन्य साथियों की गिरफ्तारी हुई, तब से अभिनंदन भागा हुआ था।