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दो फर्जी स्कूलों पर एक-एक लाख जुर्माना, नोटिस के बाद भी चल रहे थे स्कूल
Fri, 21 Dec 2018 11:32 AM IST
MANISH sachan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: MANISH sachan
Updated Fri, 21 Dec 2018 11:32 AM IST
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- फोटो : डेमो
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बेसिक शिक्षा विभाग ने बंद करने के नोटिस के बाद भी माल में संचालित दोनों स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। दोनों स्कूलों को पूर्व में भी नोटिस जारी कर बंद करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन जांच में ये स्कूल संचालित मिले।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमर कांत सिंह ने बताया कि निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) के अंतर्गत जिलाधिकारी के निर्देश पर अमान्य स्कूलों के खिलाफ अभियान चलाया गया था।
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अभियान के दौरान 23 जून को माल स्थित गुप्ता पब्लिक स्कूल, अटारी और हैवन कॉन्वेंट स्कूल को बंद करने का निर्देश दिया गया था। बीते गत 5 अक्तूबर को खंड शिक्षा अधिकारी ने बीएसए को भेजी अपनी रिपोर्ट में इन दोनों स्कूलों का संचालन होता पाया।
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बीएसए ने बताया कि स्कूल को बंद करने का नोटिस जारी करने के बाद भी दोनों स्कूलों के प्रबंधकों ने इसको संचालित रखा और इस संबंध में अपना पक्ष भी नहीं रखा। उन्होंने बताया कि आरटीई अधिनियम के तहत दोनों स्कूलों को बंद करने का दोबारा नोटिस जारी किया गया है। साथ ही दोनों स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अनुदेशकों का मानदेय रोका
जिला समन्वयक द्वारा मोहनलालगंज स्थित पूर्व माध्यमिक खुजौली का निरीक्षण किया गया। जिसमें दो अनुदेशक अनुपस्थित पाए गए। बीएसए ने अनुदेशक ब्रजेश कुमार और प्रिया श्रीवास्तव का अग्रिम आदेशों मानदेय रोकने का निर्देश दिया है और साथ ही दोनों से स्पष्टीकरण भी मांगा है।
इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय विश्रामखेड़ा का भी औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में पंजीकृत 85 में से मात्र 31 बच्चे ही उपस्थित मिले। वहीं विद्यालय में साफ-सफाई का भी अभाव मिला। वहीं निरीक्षण में यह भी जानकारी मिली कि छात्र संख्या 85 के सापेक्ष प्रधान अध्यापिका अलका श्रीवास्तव द्वारा 100-100 स्वेटर व ड्रेस प्राप्त किए। उन्होंने इस संबंध में प्रधान अध्यापिका से स्पष्टीकरण मांगा है।
इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय विश्रामखेड़ा का भी औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में पंजीकृत 85 में से मात्र 31 बच्चे ही उपस्थित मिले। वहीं विद्यालय में साफ-सफाई का भी अभाव मिला। वहीं निरीक्षण में यह भी जानकारी मिली कि छात्र संख्या 85 के सापेक्ष प्रधान अध्यापिका अलका श्रीवास्तव द्वारा 100-100 स्वेटर व ड्रेस प्राप्त किए। उन्होंने इस संबंध में प्रधान अध्यापिका से स्पष्टीकरण मांगा है।